ठहाकों और तालियों के साथ हिंदी दिवस की पूर्व संध्या पर रोटरी बक्सर ने आयोजित किया हास्य कवि सम्मेलन

बक्सर,बिहार:रोटरी बक्सर द्वारा हिंदी दिवस की पूर्व संध्या पर शनिवार की शाम श्री चंद मंदिर परिसर में भव्य हास्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मशहूर कवि एवं शायर साबित रोहतासवी के द्वारा किया जिन्होंने अपनी नज़्म “हमारा बक्सर स्वर्ग से बढ़कर” प्रस्तुत कर संस्कृति, एकता और साहित्य की महत्ता पर जोर दिया।
वरिष्ठ कवि एवं अधिवक्ता रामेश्वर प्रसाद वर्मा ने बक्सर को राम की नगरी बताते हुए साहित्य और सेवा के क्षेत्र में रोटरी की भूमिका की सराहना की। समारोह की अध्यक्षता रोटरी अध्यक्ष डॉ. दिलशाद आलम ने की, जबकि चेयरमैन निर्मल कुमार सिंह ने कहा कि इस तरह के आयोजन साहित्य और संस्कृति को जीवंत बनाए रखते हैं। सचिव एस.एम. साहिल ने कार्यक्रम को ऐतिहासिक बताते हुए सभी रोटेरियन को बधाई दी।
इस कवि सम्मेलन में कवियों ने अपनी रचनाओं से उपस्थित श्रोताओं को ठहाके लगवाते रहे। शिव बहादुर प्रीतम की कविता “काहे के सकुचैल” पर दर्शक ठहाकों से लोटपोट हो गए। अरुण मोहन भारवी और पन्नू लाल प्रेमातुर की व्यंग्यात्मक रचनाओं ने जमकर तालियां बटोरीं।नंदेश्वर उपाध्याय, राम प्रताप चौबे, कैफ़ी फारूकी और साबित रोहतासवी की नज़्मों ने दिल जीत लिया। वहीं वशिष्ठ पांडे, हृदय नारायण हेहर, शशि भूषण, राजा रमन पांडे, रत्नेश ओझा राही और अन्य कवियों ने महफिल को रंगीन बना दिया।
रोटरी के पूर्व गवर्नर डॉ. सी.एम. सिंह, पूर्व सचिव मनोज वर्मा, वरिष्ठ पत्रकार शशांक शेखर सहित बड़ी संख्या में रोटेरियन और गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में संत जॉन्स स्कूल के डायरेक्टर डॉ. रमेश सिंह ने उपस्थित सभी कवियों,दर्शकों, आयोजक का धन्यवाद किया।



