पीडीडीयू नगर में पुलिस द्वारा चेकिंग अभियान में एक ई रिक्शा पर एक लाख का चालान कर किया सीज

पीडीडीयू,चंदौली: जिले में चल रहे यातायात माह के दौरान यातायात व जनपदीय पुलिस वाहन चेकिंग के नाम मनमानी कर रही है। जिससे लोगों को परेशानी उठाने के साथ ही आर्थिक संकट से भी जूझने पर मजबूर होना पड़ रहा है। ताजा मामला चकिया थाना क्षेत्र में यातायात प्रवर्तन केंद्र द्वारा की गई एक अप्रत्याशित कार्रवाई का है। जिससे पूरे क्षेत्र में जहां हड़कंप मच गया है वहीं कार्रवाई पर सवालिया निशान भी खड़े हो गये हैं। 15 नवंबर 2025 को मुरारपुर कटारिया गरला के समीप तैनात प्रभारी यातायात प्रवर्तन केंद्र के कर्मचारियों ने के मोहम्मदाबाद निवासी भोले पुत्र सराहु की बैटरी चालित टोटो रिक्शा का सीधे-सीधे ₹1,00,000 (एक लाख रुपये) का चालान ही नहीं किया बल्कि वाहन को मोटर वाहन अधिनियम की धारा 207 के तहत सीज कर दिया। जिससे गरीब चालक की रोजी-रोटी का साधन छिन गया। अब सवाल उठता है कि ई-रिक्शा की कीमत के बराबर जुर्माना ?
वहीं एक दूसरा मामला मुगलसराय कोतवाली के सामने 15 नवम्बर को ही हुई चेकिंग के है। जिसमें आनंद नगर निवासी आनंद शर्मा नामक रक व्यक्ति की प्राइवेट जीप संख्या यूपी 65 एल 4498 जिसके सम्पूर्ण कागजात सही हैं यहां तक कि उसमें चालक छोड़कर एक भी व्यक्ति नहीं था उसके कागजात की जांच किये बिना भी 6000 का चालान कर सीज कर दिया गया। बताया जा रहा है कि उक्त जीप के बाबत मुगलसराय विधायक रमेश जायसवाल ने भी पैरवी की थी जिसपर कोतवाल ने छोड़ने की बात की थी बावजूद इसके उसे सीज किये जाने पर। भाजपा कार्यकर्ता व चतुर्भुजपुर बूथ अध्यक्ष नंदू जायसवाल ने बताया कि उक्त जांच अभियान में कुछ पुलिसकर्मी सरकार को बदमाम करने की नीयत से ऐसा कर रहे हैं। वहीं ई रिक्शा के हुये चालान के बाबत विशेषज्ञों का कहना है कि आमतौर पर भारी मालवाहक ट्रकों या अत्यधिक गंभीर वाणिज्यिक उल्लंघनों के लिए इतनी चालान राशि लगाई जाती है। टोटो रिक्शा पर एक लाख का जुर्माना लगाया जाना तथा सारे कागजात सही होने पर भी वाहन को सीज करना पुलिस द्वारा अधिकारों का खुला दुरुपयोग माना जा रहा है।



