प्रधानमंत्री के रूप में तीसरी बार शपथ लेते हुए नरेंद्र मोदी ने कोर टीम में बदलाव नहीं किया

नई दिल्ली: नरेंद्र मोदी भारत के लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने के बाद गठबंधन सरकार में बिना किसी दबाव के अपने तीसरे मंत्रिमंडल के पहले कोर टीम में बदलाव नहीं किया।गृह मंत्री अमित शाह,रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह,विदेश मंत्री एस जयशंकर, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को 2.0 के जिम्मेदारी निभाने वाले मंत्रियों को 3.0 में भी अपने भरोसेमंद को टीम में जगह दी
जबकि शिक्षा मंत्री के रूप में धर्मेंद्र प्रधान को ही जिम्मेदारी दी गई वही अन्य मंत्रिमंडल में बदलाव करते हुए पंचायती राज मंत्रालय जेडीयू के ललन सिंह को तथा आरएलडी पासवान के चिराग पासवान को खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री,एमएसएमई मंत्रालय जीतनराम मांझी को जबकि दो सांसदों वाले जदएस के एचडी कुमार स्वामी को भारी उद्योग एवं इस्पात मंत्रालय दिया गया।
वहीं 16 सांसदों वाले टीडीपी के राममोहन नायडू को नागरिक उड्डयन मंत्रालय दिया गया जबकि बिहार में एनडीए में मुख्य भूमिका निभाने वाले जदयू के ललन सिंह को पंचायती राज मंत्रालय दी गई। जबकि मनसुख मांडवीया को खेल एवं युवा मंत्रालय दिया गया।

वहीं कैबिनेट में शामिल दो पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और मनोहर लाल खट्टर का कद भी ऊंचा रखा गया।इन दोनों पूर्व मुख्यमंत्री को दो-दो मंत्रालय दिए गए जिसमें शिवराज चौहान कृषि तथा ग्रामीण विकास मंत्रालय जबकि ऊर्जा और शहरी विकास जैसे अहम मंत्रालय मनोहर लाल को दिया गया।
भाजपा ने अपने सीसीएस पर नियंत्रण रखा जिसमें कोई अहम बदलाव नहीं किया क्योंकि अपने एजेंडे के स्वरूप फैसला लेने में कोई अत्यधिक दबाव न हो, राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति में एकीकृत दृष्टिकोण बनी रहे एवं साथ में नीतिगत निष्क्रियता से निजात व चुनावी लाभ भी मिल सके।
लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी ने अपने तीसरे कार्यकाल के काम का शुरू करते हुए सबसे पहले उन्होंने पीएम किसान निधि की 17वीं किस्त के तौर पर 20000 करोड रुपए जारी करने के लिए हस्ताक्षर किया इससे देश के करीब 9.3 करोड़ किसानों को लाभ मिलेगा।



