पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय में सांकेतिक भाषा विशेषज्ञ लालबहादुर ने दिया प्रशिक्षण

चंदौली: डी डी यू नगर के मानस नगर स्थित पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय में आज अतिथि वक्ता व सांकेतिक भाषा के विशेषज्ञ लाल बहादुर द्वारा सांकेतिक भाषा का प्रशिक्षण दिया गया जिसमें समावेशी शिक्षा के सम्प्रत्यों के साथ यह भी बताया गया कि सांकेतिक भाषा संप्रेषण का एक माध्यम है, जहाँ हाथ के इशारों और शरीर तथा चेहरे के हाव-भावों का उपयोग किया जाता है।
इस प्रकार सांकेतिक भाषाएँ बोली जाने वाली भाषाओं से संरचनात्मक रूप से अलग होती हैं और इनका प्रयोग अधिकांशतः श्रवण बाधित लोगों द्वारा किया जाता है।

प्रशिक्षण शिविर के निदेशक व प्रचार्य के के भारतीय ने बताया कि देश की नई शिक्षा नीति के अनुसार, भारतीय सांकेतिक भाषा (ISL) को देश भर में मानकीकृत किया जाएगा, और इस भाषा में राष्ट्रीय तथा राज्य स्तर की पाठ्यक्रम सामग्री विकसित की जाएगी जो कि श्रवण बाधित विद्यार्थियों द्वारा उपयोग में लाई जाएगी।
इसके अलावा नई शिक्षा नीति में स्थानीय सांकेतिक भाषाओं को यथासंभव महत्त्व देने और बढ़ावा देने की भी बात की गयी हैं मुख्यधारा से जोड़ने और इसे आम लोगों के बीच लोकप्रिय बनाने के लिये आवश्यक है कि आम लोगों तक इस भाषा की पहुँच सुनिश्चित की जाए।
इस तरह के प्रशिक्षण होते रहने चाहिए प्रशिक्षण के निदेशक के के भारतीय ने बताया कि यह प्रशिक्षण शिविर सात जून से अठारह जून तक चलेगा इस प्रशिक्षण शिविर में देश के अनेक राज्यों से सेवाकालीन हिन्दी स्नातक शिक्षक भाग लें रहें हैं।



