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राष्ट्रीय राजमार्ग चौड़ीकरण के बीच मे आ रही मंदिर को हटाया गया

दुलहीपुर,चंदौली:  पड़ाव से पीडीडीयू नगर राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण के बीच आ रहे नयी डांडी गांव के समीप मां भगौती मंदिर को हटाने पहुंचे नायक तहसीलदार व कोतवाल के समझाने के बाद ब्राह्मणों के व्दारा बैदिक मंत्रों के व्दारा प्राणहीन कर मुर्ति को हटाकर गंगा में विसर्जित कर दिया गया। वहीं कार्यदायी संस्था के व्दारा 76 वर्ष पुराना नीम का पेड़ काटकर हटा दिया गया। नवनिर्माण मंदिर मे माता की तस्बीर लगाया गया।वहीं आस्थावान लोगों व्दारा नौरात्री मे नये प्रतिमा स्थापित कराने का निर्णय लिया गया।

पड़ाव से गोधना मोड़ तक प्रस्तावित मार्ग 328.28 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले सिक्स लेन के जद मे आ गया है।वहीं कार्यदायी संस्था के व्दारा मार्ग के किनारे दूसरे मंदिर का निर्माण करा दिया गया है। लेकिन मंदिर को लोग जल्द स्थापित न होने के कारण मार्ग निर्माण कार्य वधित हो रहा था। पीडीडीयू नगर तहसील के नायक तहसीलदार अमित कुमार सिंह व मुगलसराय कोतवाली के विजयबहादुर सिंह, कार्यदायी संस्था के लोगों के साथ

मंगलवार के सुबह सात बजे नई डांडी गांव के समीप काफी पुराना मां भगवती का मंदिर पर पहुंचे।वहां के आस्थावान लोगों से संवाद करनें के बाद नौ बजे वाराणसी के ब्यास शितला प्रसाद उपाध्याय के व्दारा बैदिक मंत्रों के व्दारा मुर्ति प्राणहीन कि प्रकृया किया गया। तदोपरांत मूर्ति को मंदिर से हटाकर विधिविधान पूर्वक लाल कपड़ें मे लेकर वाहन के व्दारा वाराणसी के रामघाट पर नाव से बीच गंगा में विसर्जन किया गया। नव निर्माण के मंदिर में माता रानी तैलचित्र लगाकर घंटा बांध दिया गया। आस्थावान सचिदानंद तिवारी, संजय तिवारी,जवाहिर यादव, राजेन्द्र यादव, अजय यादव, डा अनिल तिवारी, ज्ञानेश तिवारी, संतोष तिवारी आदि लोगों ने बताया कि ग्राम सभा के सहयोग से 35 हजार रुपये की माता रानी की प्रतिमा खरीद लिया गया है।उस मूर्ति को नवरात्रि के नवमी को नवनिर्माण मंदिर में अनुष्ठान कराकर मूर्तियों को स्थापित कराया जायेगा।

मां को छाया देता था 76 वर्ष पुराना नीम का पेड़

नई दांडी गांव निवासी 70 वर्षीय गौरी शंकर तिवारी ने बताया कि सन 1948 से यह नीम का पेड़ जिसके नीचे मां भगवती की प्रतिमा स्थापित थी। जिसका विस्तारीकरण आज के लगभग 30 वर्ष पूर्व मंदिर के रूप में निर्माण कराया गया था। इस मंदिर को पूरे ग्राम सभा की यह सोच थी कि नवरात्रि के नवमी के दिन नवनिर्माण मंदिर में मूर्ति स्थापना का कार्य किया जाएगा। वही पुरानी मूर्ति का दसवीं के दिन भसान किया जाएगा। इसके लिए वाराणसी के व्यास जी से भी बात हुई थी। परंतु कार्यदायी संस्था व जिला प्रशासन द्वारा मंगलवार के दिन मां के प्रतिमा को हटाकर आस्था को ठेस पहुंचाने का कार्य किया गया है।

Indians News

Editor in Chief

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