देश के मसीहा रतन टाटा अब दुनियां में नहीं रहे,पीएम मोदी ने अगला उतराधिकारी से की बात

टाटा ग्रुप के पूर्व अध्यक्ष रतन टाटा ने मुंबई के ब्रिच कैंडी अस्पताल में 9 अक्टूबर को देर रात्रि समय 86 वर्ष की उम्र में आखरी सांस ली।
रतन टाटा के निधन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके निधन पर शो व्यक्त करते हुए कहा की यह देश के लिए एक बहुत बड़ी छती है। रतन टाटा के निधन से प्रधानमंत्री मोदी दुखी मन से श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए रतन टाटा के सौतेले भाई नोएल नवल टाटा से बात की।अंतिम संस्कार में शामिल होंगे अमित शाह।
रतन टाटा स्वयं में रत्न थे चाहे देश रत्न की बात हो या भारत रत्न की बात हो वह इन सब से बढ़कर भारत के अनमोल रतन थे जो देश को ऊंचाइयों पर ले जाने वाले एक मसीहा रतन भाई टाटा अब संसारीक यात्रा को पूर्ण करके हो गए अलविदा।
भारत को विकास के पथ पर आगे बढ़ाने और स्वास्थ्य तथा जन सेवा के क्षेत्र में अभूतपूर्व योगदान देने वाले रतन टाटा दुनिया को अलविदा करने से आज देश का एक अध्याय समाप्त हो गया।
रतन टाटा का जन्म 28 दिसंबर 1937 को मुंबई में हुआ था जिनके माता-पिता का नाम नवल टाटा तथा सोनू टाटा थे। उनके भाइयों में नोएल टाटा तथा जिम नवल टाटा थे। इनकी शिक्षा हॉवर्ड बिजनेस स्कूल 1975 में तथा कार्नेल विश्वविद्यालय 1959 में हुई थी।
रतन टाटा के सौतेले भाई नोएल टाटा को टाटा ग्रुप के उत्तराधिकारी के लिए उम्मीदवार के रूप में देखा जा रहा है जो नवल टाटा व साइमन की संतान है जिनकी टाटा समूह के साथ गहरी भागीदारी है।भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोएल टाटा से बात कर दी संवेदना।
फिलहाल में टाटा संस के कमान नटराजन चंद्रशेखर के हाथों में है जो 2017 से अध्यक्ष है। अब सबका ध्यान टाटा समूह के भविष्य के नेतृत्व की तरफ है जिसको लेकर परिवार में नए-नए सदस्य उभर कर सामने आकर इस विशाल समूह में अपना जगह बनाने की राह देखने लगे हैं।रतन टाटा 1991 में टाटा समूह के अध्यक्ष का पद संभालते हुए अपने परदादा द्वारा स्थापित इस कंपनी का नेतृत्व शुरू किया था जो 1996 में टाटा टेलीसर्विसेज की शुरुआत की थी।
रतन टाटा ने 2012 में अध्यक्ष का पद छोड़ दिया था परंतु वे टाटा इंडस्ट्रीज,टाटा मोटर्स,टाटा स्टील तथा टाटा केमिकल्स के चेयरमैन एमेरिटस बन कार्यों का नेतृत्व करते रहे थे।



