प्रशिक्षण को जीवन में उतरना ही शिक्षा का वास्तविक अर्थ है:डॉ० शौकत सिद्दीकी

सम्मान विशेष विद्यालय अलीनगर में तीन दिवसीय भारतीय पुनर्वास परिषद (आरसीआई) से अनुमोदित सतत पुनर्वास शिक्षा (सीआरई) प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के प्रथम दिन की शुरुआत दीप प्रज्वलित कर मुख्य अतिथि डॉ विश्वनाथ सिंह पीजी कॉलेज के बीएड विभागाध्य डॉक्टर शौकत सिद्दीकी एवं विशिष्ट अतिथि लाल बहादुर बीआरपी (समावेशी शिक्षा) ने संयुक्त रूप से किया अपने उद्बोधन में डॉ शौकत ने कहा कि सतत् पुनर्वास शिक्षा कार्यक्रम को वास्तविक जीवन में उतरना ही शिक्षा है ।

वही बीआरपी लाल बहादुर ने अपने वक्तव्य में कहा कि समावेशी शिक्षा का उद्देश्य समावेशी समुदाय आधारित शिक्षा व्यस्था हर स्तर पे उपलब्ध कराना लक्ष्य है ताकि विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को हर स्तर पे समावेशन उपलब्ध कराया जा सके।पुनर्वास आधारित कार्यक्रम में कोर्स कॉर्डिनेटर पुष्पा कुशवाहा ने राष्ट्रीय न्यास अधिनियम 1999 पे प्रकाश डालते हुए बताया कि तीन दिवसीय पुनर्वास कार्यक्रम है जिसमें 50 प्रोफेशनल भाग ले रहे है वही रिसोर्स पर्सनल के रूप संध्या पाल ने राष्ट्रीय न्यास परिषद 1999 के उद्देश्य पर अपना वक्तव्य दिया। कार्यक्रम के समन्वयकफूल चंद भारतीय ने अतिथियों का माल्यार्पण कर स्वागत एवं अभिनंद किए कार्यक्रम में प्रमुख रूप से पुष्पा कुशवाहा,फूल चंद भारतीय,संध्या पाल ,जवाहर लाल ,नूर हसन अंसारी , रोशन कुमार,रीमा सिंह ,नेहा यास्मीन, प्रजापति सुशीला, सपना कुमारी , धनेश कुमार इत्यादि लोग उपस्थित रहे ।



