भाकियू टिकैत ने एमएसपी को लेकर दिया एक दिवसीय धरना

चंदौली,यूपी: भारतीय किसान यूनियन टिकैत ने आज केंद्रीय नेतृत्व के आह्वान पर जिलाध्यक्ष सतीश सिंह चौहान के नेतृत्व में एमएसपी की गारंटी और हरियाणा-पंजाब बॉर्डर पर आमरण अंशनपर बैठे डल्लेवाल के समर्थन के साथ साथ अन्य लंबित मांगो और जिले की समस्यओं को लेकर धरना स्थल बिछिया में सैकड़ों किसानों ने एक दिन का धरना देकर महा महिमा राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू के नाम नायब तगसीलदार चित्रसेन यादव को 12 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा।
मंडल पवक्ता मणि देव चतुर्वेदी ने बताया कि किसान और मजदूर आज उपेक्षित है। किसानों को रेवड़ी बांटकर, उनके अनाज की उचित कीमत नहीं दी जा रही है।मौजूदा सरकार कार्पोरेट्स और सुपर रिच को समृद्ध करने की गहरी नीति के कारण किसान मजदूर गहरे संकट का सामना कर रहे है।जबकि खेती की लागत और मुद्रास्फीति हर साल 12-15 से अधिक की दर से बढ़ रही है,सरकार एमएसपी में केवन 2 से 7 प्रतिशत की वृद्धि कर रही है, जो चिंता का विषय है।किसान आंदोलन खत्म होने के बाद सरकार ने वायदा किया था,लगभग 4 साल बीत जाने पर भी वादे को पूरा नही कर पाई है।कृषि संयंत्रों और अति आवश्यक वस्तुओ पे सरकार जीएसटी लगाकर अंग्रेजो की याद दिला रही है।खाद उर्वरक में सब्सिडी और वजन में कटौती की जा रही है।सरकार विश्व ब्यापार संगठन के इशारे पर काम कर् ,सरकारी प्रतिष्ठानों को खत्म कर,निजीकरण की तरफ बढ़ रही है,जिससे गरीब और अमीर के बीच खाई बढ़ती जा रही है।जिससे लोग कुपोषण का शिकार हो रहे है।सरकार का बाजार पर नियंत्रण शून्य है,जिससे ब्यापारी,आम आदमी को लूट रहे है।विकाश के नाम पर किसानों से जबरन भूमि अधिग्रहण कर, औने पौने दाम पर पुंजिपतियो को बेचा जा रहा है।मनरेगा में 600 रुपये प्रतिदिन मजदूरी की मांग,सभी फसलों की कानूनी रूप से गारंटीकृत खरीद सीटू के साथ फिफ्टी पर एमएसपी की गारंटी, अन्य राज्यों की तरह उत्तर प्रदेश में भी गन्ने का समर्थन मूल्य 500 रुपये प्रति कुंतल के साथ साथ डिजिटल भुगतान हो,ऋणग्रस्तता और किसान आत्महत्या को रोकने के लिए ब्यापक ऋण माफी,राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन को खत्म किया जाय, स्वास्थ्य, शिक्षा,बिजली का निजीकरण न किया जाय, कोई प्रीपेड मीटर न लगाया जाए,300 यूनिट बिजली मुफ्त दिया जाय,कोई डिजिटल कृषि मिशन को बहुराष्ट्रीय कम्पनियों के साथ समझौते न किया जाय,फसलों और मवेशियों की ब्यापक बीमा योजना नीति से जोड़ा जाए आदि की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा गया।
जिलाध्यक्ष सतीश सिंह चौहान ने कहा कि सरकार सिर्फ टीवी चैनलों,प्रेस वार्ता में ही किसानों के हितों की कथित बात करती है। धरातल पर सरकार उदासीन है। किसान आज उपेक्षित है। सरकार किसानों की बात सुन ही नही रही। पंजाब हरियाणा बॉर्डर पर लगभग एक साल से किसान धरने पर बैठे है, उनसे वार्ता करने के बजाय आंसू गैस के गोले और पानी की बौछारें की जा रही है। किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल लगभग 45 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे हुवे है, उनकी हालत चिंताजनक है, सरकार भांग खाकर मस्त है, उनको किसानों की रच मात्रा भी चिंता नहीं है। सरकार जल्द धरने पर बैठे किसानों से बात करे, नहीं तो देशब्यापी आंदोलन होगा। जिले में किसान दिवस नही किया जा रहा, इस समय धान बिक्री, बोवाई, सिंचाई के साथ साथ खाद की समस्या चल रही है। किसान अपनी बात किस फोरम से करे, किसान दिवस ही एक ऐसा माध्यम होता है कि किसान और जिले के अधिकारी आमने सामने बैठकर समस्या का निवारण करते है, पर शासन प्रशासन इस परंपरा को ठेंगा दिखाने का काम कर रही है। खाद की समस्या है, अभी तक जिले के हर सहकारी समितियों पर यूरिया की खेप नही पहुंची है, लोग महंगे दामो पर प्राइवेट दुकानों से खाद खरीदने को मजबूर है। इसमें प्राइवेट दुकानों और सरकार की सांठ गाँठ है।जिले में धान बिक्री से लेकर खाद तक कमीशन खोरी का काम चल रहा है। सांसद और विधायक मौन धारण किये हुवे है, जो चिंता का विषय है। जिले में किसानों की समस्याओ से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। जल्द ही जिले की समस्या को लेकर संगठन अनिश्चितकालीन धरने पर बैठने का काम करेगा।
वक्ताओं में छोटे लाल चौहान मोछु,राम दुलारे कन्नौजिया,आनंद मौर्या, कन्हैया मौर्या, रूपेंद्र सिंह,श्रवण मौर्या, अलाउद्दीन,प्रभाकर मौर्या, रामलाल यादव, हाकिम अंसारी, दशरथ राम, जीउत पाल, डॉ राजीव मौर्या, भोल चौहान, शिव कुमार शर्मा, विनोद कुमार ई आदि आदि ने भी विचार ब्यक्त किये। धरने में मुख्य रूप से मंडल प्रवक्ता वाराणसी मंडल मणि देव चतुर्वेदी, जिला उपाध्यक्ष छोटे लाल चौहान, जिला मीडिया प्रभारी आनंद मौर्या, कोषाध्यक्ष खिचडू चौहान, तहसील अध्यक्ष सदर कन्हैया,तहसील अध्यक्ष सकलडीहा श्रवण,चकिया तहसील अध्यक्ष रूपेंद्र सिंह, अलाउद्दीन तहसील अध्यक्ष मगलसराय, जीउत पाल धानापुर, जीउत मौर्या बरहनी, ब्लाक अध्यक्ष सदर प्रभाकर सिंह, विनोद कुमार ब्लाक अध्यक्ष मुगलसराय,डॉ राजीव मौर्य,मीरा,सुशीला,रानी,बिरंजी, सरोजा,कुंता इत्यादि उपस्थित रहे। धरने का संचालन मंडल प्रवक्ता मणि देव चतुर्वेदी और अध्यक्षता रामनारायण यादव ने किया।



