समावेशी समाज के निर्माण के लिए सकारात्मक सोच व परिपक्व समझ जरूरी: पुष्पा कुशवाहा

चंदौली,यूपी:सम्मान विशेष विद्यालय अलीनगर में तीन दिवसीय भारतीय पुनर्वास परिषद (आरसीआई) से अनुमोदित सतत पुनर्वास शिक्षा (सीआरई) प्रशिक्षण कार्यक्रम के दूसरे दिन कोर्स कॉर्डिनेटर पुष्पा कुशवाहा ने प्रशिक्षु शिक्षकों को राष्ट्रीय न्यास परिषद 1999 पे प्रशिक्षण देते हुए बताया कि समावेशी समाज के विकास के लिए सकारात्मक सोच के साथ – साथ परिपक्व विचार धारा की भी जरूरत है तभी हम समेकन हर स्तर पे कर पाएंगे ।
राष्ट्रीय न्यास अधिनियम काफी हद तक सफल भी रहा है वही दूसरे सत्र में रिसोर्स पर्सन संध्या पाल ने बताया कि राष्ट्रीय न्यास अधिनियम, 1999 इस अधिनियम के तहत, ऑटिज़्म, सेरेब्रल पाल्सी, मानसिक मंदता, और बहुदिव्यांगता वाले लोगों के कल्याण के लिए राष्ट्रीय न्यास की स्थापना की गई है। इस न्यास का काम कानूनी और कल्याण से जुड़े काम करना है।फूल चंद भारतीय ने बताया ने राष्ट्रीय न्यास अधिनियम को कैसे बेहतर ढ़ंग से लागू किया जाए उसपे चर्चा किए ।
आज के प्रशिक्षण में प्रमुख रूप से पुष्पा कुशवाहा,फूल चंद भारतीय, संध्या पाल, जवाहर लाल,नूर हसन अंसारी , रोशन कुमार,रीमा सिंह,नेहा यास्मीन, प्रजापति सुशीला, सपना कुमारी,धनेश कुमार इत्यादि लोग उपस्थित रहे ।



