भारत के सबसे कम उम्र के अर्जुन अवॉर्डी ओलंपियन धर्मेंद्र मां की याद संजोए घर पहुंचे

बबराला,यूपी: भारत के सबसे कम उम्र के अर्जुन अवार्ड विजेता तथा ओलंपियन खिलाड़ी धर्मेंद्र यादव गम के साथ पहुंचे अपने घर होली के अवसर पर जहां उन्हें अपनी मां की याद ने उनके दिल को झकझोंर दिया।
धर्मेंद्र यादव गुन्नौर तहसील के गांव हरफरी में जन्मे थे जो वर्तमान में बबराला के रामलीला मैदान के पास पानी टंकी स्थित अपने आवास पर रहते हैं। जब होली के अवसर पर अपनी माता अनोखी देवी के स्वर्गवास होने के बाद पहली होली पर अपने घर पहुंचे।
इस दौरान उनके बड़े पुत्र कृष्णा यादव ने बताया कि दादी के निधन के समय पिता धर्मेंद्र यादव पेरिस ओलंपिक में मुक्केबाजों के साथ कोच के रूप में उपस्थित रहे लेकिन अब दादी इस दुनिया में नहीं रही जिनके बिना पहली होली हम सब इस होली को पहले जैसा खुशी के साथ नहीं मना सके।
जब धर्मेंद्र यादव से पूछा गया कि आप अपनी मां के अंतिम संस्कार में क्यों नहीं पहुंचे तो पूर्व ओलंपियन खिलाड़ी अर्जुन अवॉर्डी धर्मेंद्र यादव ने कहा देश सर्वोपरि है, देश के लिए सब कुछ न्योछावर है।हमारा कर्तव्य पेरिस ओलंपिक के समय मुक्केबाजों को अभ्यास करना था इसलिए मैं मां की अंत्येष्टि में शामिल नहीं हो सका जिसका मुझे जीवन भर दुख रहेगा की अंत समय में अपनी मां को नहीं देख पाया।
बताते चले की धर्मेंद्र यादव द्रोणाचार्य पुरस्कार की रेस में रहने के बावजूद इस बार भी द्रोणाचार्य पुरस्कार उन्हें नहीं मिल सका।इस समय पूर्व ओलंपिक खिलाड़ी अर्जुन अवॉर्डी धर्मेंद्र यादव पटियाला स्थित साईं में बतौर मुख्य कोच कार्यरत है।



