दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनवाने हेतु उमड़ी भीड़

औरंगाबाद,बिहार: सोमवार को असैनिक शल्य चिकित्सक-सह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी औरंगाबाद एवं बिहार शिक्षा परियोजना परिषद औरंगाबाद के समावेशी शिक्षा संभाग के संयुक्त तत्वधान में दिव्यांग बच्चों के प्रमाणीकरण को लेकर शिविर का आयोजन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बारुण में किया गया जिसमें कुल 108 बच्चों का रजिस्ट्रेशन हुआ, जिसमें 90 लोगों का प्रमाणीकरण किया गया जिसमें अस्थि नि:शक्त एवं बौद्धिक दिव्यांग बच्चों के कुल 71 प्रमाण पत्र दृष्टि बाधित बच्चों में कुल 12 बच्चों का प्रमाण पत्र एवं श्रवण नि:शक्त में कुल 07 बच्चों का प्रमाण पत्र बना जबकि 18 बच्चों को सदर अस्पताल औरंगाबाद रेफर कर दिया गया ।
बारुण प्रखंड के समावेशी शिक्षा संभाग के बीआरपी लाल बहादुर ने बताया कि प्रमाणीकरण हो जाने पर सभी दिव्यांगजनों को यूडीआईडी कार्ड के लिए पंजीयन होगा विदित है कि यूडीआईडी कार्ड दिव्यांग जनों का बहु सुविधाओं का आधार हैं सरकारी
यह पहल दिव्यांगजनों को सरकारी लाभ प्रदान करने में पारदर्शिता, दक्षता और सुगमता सुनिश्चित करती है, साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में एकरूपता बनाए रखती है।

प्रमाणीकरण होने से बच्चों को शिक्षा विभाग की तरफ से भी देय भत्ता दिया जा सकता है. बच्चे सरकारी लाभ पा सकते हैं और शिक्षा की मुख्य धारा से जुड़े रहेंगे वही सीएचसी प्रभारी डॉ संजय कुमार सिन्हा ने बताया हर्ष व्यक्त करते हुए बताया कि पहली बार इतना भारी संख्या में लोग शिविर में शामिल हुए निश्चित रूप से शिक्षा विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त प्रयास का परिणाम रहा है शिविर में मेडिकल टीम में सीएचसी प्रभारी डॉ संजय कुमार सिन्हा, डॉ विशाल कुमार, डॉ शेखर कुमार, सीएचसी
प्रबंधक मनीष कुमार समावेशी शिक्षा संभाग से राकेश कुमार, राजीव कुमार, धर्मेंद्र प्रसाद , धर्मेंद्र सिंह , रंजन कुमार , सूरज नाथ सिंह इत्यादि उपस्थित रहे ।



