नोडल शिक्षकों का तीन दिवसीय गैर आवासीय प्रशिक्षण शुरू, समावेशी शिक्षा में दक्षता का होगा विकास

बिहार: बिहार शिक्षा परियोजना औरंगाबाद अंतर्गत संचालित समावेशी शिक्षा विभाग के दिव्यांग बच्चों के लिए नामित मेंटर नोडल (सामान्य शिक्षकों) का तीन दिवसीय गैर आवासीय प्रशिक्षण केशव उच्च माध्यमिक विद्यालय सोननगर बारुण में शुरु हुआ। प्रशिक्षण का उद्घाटन दीप प्रज्वलित, समावेशी गीत से हुआ। , समावेशी शिक्षा विभाग के प्रखंड साधन सेवी , लाल बहादुर , संसाधन शिक्षक राकेश कुमार , केशव उच्च विद्यालय प्रधानाध्यापक अरुण कुमार , वरीय शिक्षक शशि भूषण सहित सभी 50 प्रतिभागी उपस्थित रहे।
प्रशिक्षण पे विस्तार से प्रकाश डालते हुए प्रखंड साधन सेवी लाल बहादुर ने बताया कि यह प्रशिक्षण सामान्य शिक्षकों का है जिसमें उन्हें नोडल शिक्षक के रूप प्रशिक्षित किया जा रहा है प्रशिक्षण उपरांत ये सामान्य शिक्षक दिव्यांग बच्चों को विद्यालय में चुनौतियां एवं कठिनाई, पहचान और निदान से अवगत हो सकें इस उद्देश्य से दिया जा रहा है यह प्रशिक्षण 08 से 20 सितम्बर तक कुल चार बैच में होगा। आज पहला बैच समाप्त हुआ है जो 8 सितंबर से शुरू होकर 10 सितंबर तक चला जिसमें पौथू बगतरपा बहुरिया बिगहा के शिक्षकों ने भाग लिया।
दूसरा बैच 11 सितम्बर से 13 सितंबर तक जिसमें धनौती धरमपूरा,जोगिया परसिया सीरिस तीसरा बैच 15- 17 सितंबर तक रहेगा जिसमें सोननगर सुंदर गंज जानपुर कंचनपुर चौथा और आखिरी बैच 18- 20 सितंबर से मौआर खैरा , मेह , प्रखंड मुख्यालय एवं टेंगरा उपर्युक्त सभी संकुल/पंचायत के प्रत्येक विद्यालय से एक – एक शिक्षक रहेंगे। तीन दिवसीय गैर आवासीय प्रशिक्षण के दौरान साधन सेवियों द्वारा सामान्य शिक्षकों को आंख पर काली पट्टी बांधकर दिव्यांगता की अनुभूति कराया गया जिससे शिक्षक कठिनाइयां व परेशानी से हुए अवगत। प्रशिक्षण में बताया गया कि दिव्यांग बच्चों को विद्यालय जाने में कौन-कौन चुनौतियां एवं कठिनाईया होती है। बचाव, पहचान, लक्षण को विस्तार पूर्वक बताया गया। शिक्षकों को गतिविधियों के साथ प्रयोगात्मक अभ्यास कराया गया। आंख पर काला पट्टी बांधकर विद्यालय के मैदान प्रशिक्षण देकर अनुभव की अनुभूति भी कराया गया। दिव्यांग बच्चों को सरकारी सुविधा के लाभ के बारे में बताया।
दिव्यांग जन अधिनियम 2016 में 21प्रकार दिव्यांगता पे विस्तार से चर्चा किया गया साथ सांकेतिक भाषा का प्रशिक्षण दिया गया जिसे अभ्यास करा कर सिखाया गया दिव्यांगता प्रमाण पत्र यूडीआईडी कार्ड का महत्व प्रति माह मिलने वाले पेंशन से भी अवगत कराया गया। प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रखंड बारुण के बीआरपी लाल बहादुर और औरंगाबाद के संसाधन शिक्षक राकेश कुमार उपस्थित रहे।
इस प्रशिक्षण में गीता कुमारी ,प्रीति रानी , जितेंद्र तिवारी ,खुशबू ,प्रदीप कुमार , स्वाति भूषण , उपेंद्र सिंह , सृष्टि, स्नेहा ,पंकज कुमार , सरिता , नाहिदा प्रवीण ममता ,सिंपी,सुनीता, नेहा , अभय ,वात्सल्य , विभा , आकांक्षा इत्यादि लोग उपस्थित रही ।



