डोमरी गाँव मे अनिश्चितकालीन धरने का पांचवा दिन, महिलाओं ने किया मंच का संचालन

चंदौली,यूपी: डोमरी गांव के सैकड़ों किसान जमीन के मुद्दे को लेकर भारतीय किसान यूनियन टिकैत के नेतृत्व में लगातार पांच दिनों से गंगा के किनारे नगर निगम के खिलाफ धरने पर बैठे हुए है। मंडल प्रवक्ता मणि चतुर्वेदी ने बताया कि प्रशासन के निर्देश के बावजूद नगर निगम द्वारा अभी भी उक्त विवादित जमीन पर काम जारी है। किसान आक्रोशित है। इस कड़ी में धरने पर बैठी महिलावों ने काम रहे जेसीबी को रोका, ठेकेदारों और धरने में बैठी महिलाओं के बीच तीखी नोंक झोंक हुई और बहस हुई। ठेकेदारों ने महिलाओ को धमकाया । जिसकी सूचना 112 के माध्यम से प्रशासन को दी गईं।तुरंत मौके पर पुलिस पहुंचकर जेसीबी को रुकवाया। तब जाकर किसान शांत हुवे। मौजूद थानाध्यक्ष रामनगर ने बताया कि इस जमीन को माननीय न्यायालय ने संज्ञान में लेकर छः महीने के लिए विवादित जमीन के गाटा संख्या 310 पर स्टे कर दिया है,छह महीने के अंदर माननीय अपना फैसला भी देगी।तब तक उक्त जमीन पर कोई काम नही होगा। इसके परिप्रेक्ष्य में किसानों ने उक्त स्टे की कॉपी मौजूदा अधिकारी से मांगी और कहा कि जब तक स्टे की कॉपी और पेड़ न लगाने की घोषणा कम से कम उप जिलाधिकारी स्तर के अधिकारियों द्वारा नहीं की जाएगी, तब तक धरना चलता रहेगा। इस पर मौजूद अधिकारी ने नायब तहसीलदार सदर से उक्त आदेश की कॉपी देने और धरना स्थल पर जाकर पेड़ न लगाने की घोषणा की बात किया। किसान आस्वासन को असली जामा पहनाने की बाट धरना स्थल पर इंतजार कर रहे है। पूरा मामला डोमरी गांव के लगभग 200 परिवारों की लगभग 300 बीघा जमीन पर बिना किसी पूर्व सूचना के,बिना स्थापित किये किसानों के घरों को तोड़ा गया और किसानों को जमीन पर जोतने बोने नहीं दिया जा रहा,खेतों पर जाने से रोका जा रहा,मौके पर से उनको भगा दिया जा रहा है। नगर निगम के कर्मचारियों द्वारा बूढ़े बुजुर्गों महिलाओं के साथ दुर्बयवहार किया जा रहा है। किसान स्वतन्त्रता पूर्व से ही रहते आ रहे है।
सरकारी पुराने रिकार्डो 1356/49 के अनुसार खाता संख्या 310 पर भूमिधर किसान है।सरकारी अभिलेख खतौनी में किसानों का नाम दर्ज है। येन केन प्रकारेण तरीके से अब उक्त जमीन को नगर निगम का बताया जा रहा है। बिना किसी नोटिस के नगर निगम द्वारा की जा रही कार्यवाही प्रशासन का रवैया पक्षपात पूर्ण है,उस जमीन के खाते में कई मठ भी है। जो किसानों की जमीन पर अवैध कब्जा भी किये हुवे है। लेकिन प्रशासन उसपर कोई कार्यवाही न कर, गरीब, भूमिहीन और लघु सीमांत किसानों के साथ जबरजस्ती कर भूमि से बेदखल कर रही है। नायब तहसीलदार ने भी माना कि नगर निगम द्वारा की जा रही कार्यवाही अवैध है। इसको तत्काल रोका जाय। जब सक्षम अधिकारी आदेश देकर चले गए तो फिर भी नगर निगम के देखरेख में उक्त जमीन पर काम अनवरत जारी है। समिति ने फैसला लिया है की अगर काम नहीं रोका गया तो किसान खुद जेसीबी वगैरह को रोकने का काम करेगा,जिसकी सारी जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी।
आज पंचायत के मंच संचालन से लेकर वक्ता का काम डोमरी जमीन बचाओ संघर्ष मोर्चा की महिलाओं ने किया। महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्ष बैजंती देवी ने कहा कि जब तक किसानों की जमीन वापसी नही,तबतक घर वापसी नहीं। किसानों के जमीन पर नगर निगम डकैती डालना बन्द करे। वही उपाध्यक्ष लीलावती ने कहा की जान दे देंगे,पर जमीन नही छोड़ेंगे। सचिव शकुंतला देवी ने कहा कि अगर सरकार 2 अक्टूबर तक नही सुनेगी तो महिलाएं भुख हड़ताल पर जाएंगी। मालती देवी ने कहा कि भूख हड़ताल पर भी सरकार के कानों में जु नही रेंगी तो 15 दिन के बाद महिलाएं आमरण अनशन पर जाएंगी। जिसकी सारी जिम्मेदारी शसन प्रशासन की होगी। धरना शांतिमय और अहिंसात्मक रूप से होगा। जैसे अंग्रेजो को भगाया गया, वैसे ही भू माफियाओं को भी भगाया जाएगा। मोर्चा के अध्यक्ष बृंदा पटेल ने बताया कि जब तक कोई बड़ा अधिकारी धरने पर आकर बात नही करेगा तबतक धरना चलता रहेगा।डोमरी के साथ साथ कटेसर, कोदोपुर में अधिग्रहण की जा रही जमीनों की भी लड़ाई लड़ी जाएगी और ये जमीन बचाओ की लड़ाई रामनगर के आसपास के गावों में चलने लगी है। जल्द ही भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत की अध्यक्षता में किसान महा पंचायत होगी।
धरने पर भाकियू टिकैत के जिलाध्यक्ष मिर्जापुर कंचन सिंह, डॉ रामप्यारे सिंह, लालजी, गोपाल सिंह के साथ साथ डोमरी जमीन बचाओ समिति के उपाध्यक्ष दीपक पटेल, महामंत्री उमानाथ संगठन मंत्री लालबहादुर, कोषाध्यक्ष अरविंद साहनी, सचिव राजेश पटेल, सूचना मंत्री मंजे लाल पटेल, एडोकेट रामचन्द्र यादव, छेदी स्वामी, चंद्रशेखर सिंह,महेंद्र,जयंत पटेल,नत्थू सिंह,शम्भू नाथ,रामाश्रय पटेल, डॉ उमानाथ राजभर लालमनी देवी, मालती देवी,जगवंती देवी, लालती,सितारा, मालती साहनी,काली साहनी,मन्जो देवी,चिंता देवी के साथ सैकड़ों महिलाये मौजूद रही। पंचायत की अध्यक्षता बैजंती देवी और संचालन शकुंतला देवी ने किया। समाचार लिखे जाने तक कोर्ट के स्टे आदेश के बाद भी उक्त जमीन प्रशासन द्वारा काम जारी है,साथ ही अनिश्चितकालीन धरना भी चल रहा है।



