बारुण में दिव्यांग बच्चों के लिए लगा विशेष शिविर, 64 की जांच, 12 का मौके पर UDID पंजीकरण

बारुण,औरंगाबाद:बिहार शिक्षा परियोजना, औरंगाबाद के निर्देशानुसार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC), बारुण में दिव्यांग बच्चों की चिकित्सीय जांच एवं प्रमाण पत्र जारी करने के उद्देश्य से एक विशेष स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में 3 से 18 वर्ष आयु वर्ग के कुल 64 बच्चों की दिव्यांगता की स्थिति की गहन जांच की गई, जबकि 12 बच्चों का यूडीआईडी (UDID) कार्ड हेतु पंजीकरण संपन्न हुआ।
विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम द्वारा परीक्षण: शिविर में मुख्य रूप से अस्थि दिव्यांग (हड्डी संबंधी), दृष्टिबाधित (नेत्र संबंधी) एवं श्रवण बाधित (कान, नाक, गला संबंधी) बच्चों की जांच की गई। दिव्यांगता का प्रतिशत तय करने एवं प्रमाण पत्र हेतु पात्र बच्चों का चयन करने के लिए विशेषज्ञों की टीम तैनात रही, जिनमें शामिल थे:डॉ. सूरज कुमार – हड्डी रोग विशेषज्ञ (Orthopedist), डॉ. गौतम – नेत्र रोग विशेषज्ञ (Ophthalmologist), डॉ. सुमित – कान, नाक व गला विशेषज्ञ (ENT Specialist)
सरकारी योजनाओं से जोड़ना मुख्य लक्ष्य: कार्यक्रम की जानकारी देते हुए समावेशी शिक्षा के बीआरपी (BRP) लाल बहादुर ने बताया कि जांच उपरांत तैयार दिव्यांगता प्रमाण पत्र संबंधित बच्चों को शीघ्र ही स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर निर्गत कर दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि इस आयोजन का प्राथमिक उद्देश्य दिव्यांग बच्चों की समय पर पहचान कर उन्हें प्रमाण पत्र उपलब्ध कराना है, ताकि वे बिना किसी कठिनाई के शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ प्राप्त कर सकें।
शिविर में पहुंचे अभिभावकों को प्रमाण पत्र बनने की प्रक्रिया, यूडीआईडी कार्ड के लाभ तथा मिलने वाली विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के संबंध में विस्तार से मार्गदर्शन दिया गया।
शिविर के सफल आयोजन और सुचारू संचालन में आई-कोऑर्डिनेटर सुरेंद्र प्रसाद, संसाधन शिक्षक श्याम बाबू, संसाधन शिक्षक राकेश कुमार तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बारुण से रंजन कुमार, सूर्य देव सिंह, संतोष कुमार एवं जितेंद्र कुमार ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं श्रवण नि:शक्त बच्चों का ऑडियोग्राम धर्मेंद्र प्रसाद द्वारा बनाया गया।इसके अलावा यूडीआईडी (UDID) कार्ड पंजीकरण प्रक्रिया में दिव्यांग सशक्तिकरण विभाग के सुमित कुमार और जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग की आकृति मौर्या का सक्रिय योगदान रहा।



