चौसा में 102 वर्षों से चली आ रही रामलीला पर लगा ताला,विरोध प्रदर्शन में जुटे लोग

चौसा,बक्सर: चौसा नगर पंचायत में 102 वर्षों से चली आ रही ऐतिहासिक रामलीला को लेकर विवाद सामने आया है। आरोप है कि नगर पंचायत की कार्यपालक पदाधिकारी (ईओ) रानी कुमारी के निर्देश पर रामलीला मंच पर ताला लगवा दिया गया, जिससे स्थानीय युवाओं एवं रामलीला से जुड़े लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है।
इस मामले को लेकर अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी विकास राज ने कड़ा विरोध जताया। वे युवाओं के साथ मौके पर पहुंचे, जहां रामलीला मंच पर ताला लगाए जाने के विरोध में प्रदर्शन किया गया। देखते ही देखते काफी संख्या में युवा एवं स्थानीय लोग मौके पर एकत्रित हो गए और रामलीला मंच को खोलने की मांग उठाई।जबकि चेयरमैन प्रतिनिधि मनोज यादव ने ईओ का बचाव करते हुए कहा कि उन्हें नहीं मालूम था कि यहां रामलीला होता है, कन्फ्यूजन हो गया था।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि 102 वर्षों से चली आ रही रामलीला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि चौसा की ऐतिहासिक परंपरा, आस्था और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे में रामलीला मंच पर ताला लगाए जाने से लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। युवाओं ने प्रशासन से पूरे मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर रामलीला मंच को खुलवाने तथा आयोजन से जुड़ी समस्याओं का समाधान करने की मांग की।
अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी विकास राज ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि चौसा की ऐतिहासिक परंपरा और जनभावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए तथा संबंधित अधिकारियों से मामले को गंभीरता से लेते हुए उचित कदम उठाने की मांग की।

वहीं, इस घटना को लेकर स्थानीय स्तर पर विरोध तेज होता दिखाई दे रहा है। अब देखना होगा कि नगर पंचायत प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और 102 वर्षों से चली आ रही रामलीला की परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए क्या समाधान निकाला जाता है। आखिर ताला लगाने से पहले उन्होंने नगर पंचायत के किसी पदाधिकारी से क्यों नहीं पुछी यदि नहीं मालूम था तो।मुख्य मांग: रामलीला मंच पर लगाए गए ताले को खुलवाया जाए, मामले की निष्पक्ष जांच हो और स्थानीय लोगों की धार्मिक एवं सांस्कृतिक भावनाओं का सम्मान सुनिश्चित किया जाए।



