विश्व दृष्टि दिवस पर पुलिस अधीक्षक चन्दौली आकाश पटेल ने दृष्टिबाधित बच्चों के साथ आत्मीय संवाद किया

चंदौली,यूपी: कार्यक्रम का आयोजन मार्गदर्शी संस्था (अमर ज्योति सेवा केन्द्र, रवैहेरा) के सहयोग से किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य “Love Your Eyes, Save Your Sight” के संदेश के साथ आंखों की सुरक्षा, दृष्टिबाधित व्यक्तियों के प्रति संवेदनशीलता तथा “नेत्रदान महादान” के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना रहा। कार्यक्रम की शुरुआत अमर ज्योति सेवा केन्द्र के दृष्टिबाधित बच्चों द्वारा प्रस्तुत मधुर स्वागत गीत से हुई। बच्चों की शानदार एवं भावपूर्ण प्रस्तुति ने उपस्थित सभी लोगों को भावविभोर कर दिया। पुलिस अधीक्षक महोदय ने बच्चों के हुनर की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम के दौरान दृष्टिबाधित बच्चों ने पुलिस अधीक्षक महोदय से सहज एवं बाल-सुलभ अंदाज में अनेक रोचक सवाल पूछे। एसपी ने भी बच्चों से आत्मीयता से बातचीत करते हुए उनके सपनों, रुचियों और भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी ली।
पुलिस अधीक्षक महोदय ने बच्चों के साथ आए शिक्षकों से विशेष बातचीत कर यह जाना कि दृष्टिबाधित बच्चे ब्रेल लिपि के माध्यम से किस प्रकार पढ़ाई करते हैं तथा संगीत एवं अन्य कौशल कैसे सीखते हैं। शिक्षकों द्वारा ब्रेल लिपि, विशेष शिक्षण पद्धति एवं संगीत प्रशिक्षण के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई।

पुलिस अधीक्षक महोदय ने अपने संबोधन में कहा कि “आंखें ईश्वर का अनमोल उपहार हैं। विश्व दृष्टि दिवस हमें अपनी आंखों की देखभाल करने के साथ-साथ उन लोगों के जीवन में रोशनी लाने का संदेश देता है, जिन्हें दृष्टि की आवश्यकता है। नेत्रदान महादान है। हमारे छोटे से संकल्प से किसी के जीवन में नई रोशनी आ सकती है।” उन्होंने दृष्टिबाधित बच्चों के आत्मविश्वास, प्रतिभा और उत्साह की प्रशंसा करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की तथा उन्हें हर संभव सहयोग एवं प्रोत्साहन का भरोसा दिलाया।
कार्यक्रम के अंत में पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा दृष्टिबाधित बच्चों को लंच पैकेट वितरित किए गए तथा उनके गुरुजनों को शॉल देकर सम्मानित किया गया। पुलिस अधीक्षक महोदय ने बच्चों एवं उनके गुरुजनों से आत्मीय संवाद करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।उक्त कार्यक्रम में क्षेत्राधिकारी लाइन डॉ. चारु द्विवेदी, प्रतिसार निरीक्षक वेदमणी मिश्रा सहित पुलिस विभाग के अन्य अधिकारी, कर्मचारीगण एवं मार्गदर्शी संस्था के पदाधिकारी, शिक्षकगण एवं दृष्टिबाधित बच्चे उपस्थित रहे।



