हुमा तनवीर वर्ष की शीर्ष 100 प्रेरणादायक महिलाओं में शामिल हुईं

पीडीडीयू,चंदौली: मुगलसराय क्षेत्र के कसाब महाल निवासी रेल की सेवा में सीनियर सीआईटी तनवीर आलम की बड़ी बेटी हुमा तनवीर हैं। हुमा ने इसके पहले भी विभिन्न क्षेत्रों में ख्याति प्राप्त की है। वह एक बार फिर दुनिया में अपना परचम लहराया। महत्वाकांक्षी लेखिका से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध लेखिका बनने तक हुमा तनवीर की यात्रा ने शब्दों की शक्ति को फिर से परिभाषित किया है।
जिससे उन्हें वैश्विक मंच पर “वर्ष की शीर्ष 100 प्रेरणादायक महिलाओं” में से एक के रूप में मान्यता मिली है। हुमा का साहित्यिक प्रमुखता तक पहुंचना असाधारण से कम नहीं है। अपने करियर की शुरुआत में, केवल 19 साल की उम्र में उन्होंने जर्मनी के लैंबर्ट एकेडमिक पब्लिशिंग के साथ एक प्रकाशन अनुबंध पर हस्ताक्षर किया।
जिसने एक प्रेरणादायक यात्रा के लिए मंच तैयार किया। उनकी पहली पुस्तक, द सोशल एंड कॉन्ट्रोवर्शियल इश्यूज़ ने दुनिया भर के पाठकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। सलमान रुश्दी और शशि थरूर जैसी उल्लेखनीय हस्तियों से प्रशंसा प्राप्त की। तब से हुमा ने सात व्यापक रूप से प्रशंसित पुस्तकें प्रकाशित हुई हैं। जिनमें से प्रत्येक महत्वपूर्ण सामाजिक मुद्दों को संबोधित करने और सार्थक परिवर्तन को प्रज्वलित करने की उनकी प्रतिबद्धता की मान्यता है। तनवीर आलम ने बताया कि बड़ी बेटी हुमा दूसरे नंबर पर लुगना तनवीर जो जामिया हमदर्द यूनिवर्सिटी नई दिल्ली में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं। तीसरे नंबर पर मेरा बेटा मु अली खान जो ग्रेजुएशन कर रहा है।



