ग्लेनहिल स्कूल,मंडुवाडीह में सत्या फाउंडेशन के द्वारा बच्चों को पटाखों से हानि के प्रति किया जागरूक

वाराणसी,यूपी: ग्लेनहिल स्कूल, मण्डुवाडीह,वाराणसी में आयोजित कार्यक्रम में सत्या फाउंडेशन के द्वारा बच्चों की चेतना को जागृत करने का प्रयास करते हुए संस्था के अध्यक्ष चेतन उपाध्याय ने पूछा कि जिस पटाखे के चलते हर साल अरबों रुपए की प्रॉपर्टी आग में स्वाहा हो जाती है, अस्पतालों के आईसीयू और बर्न वार्ड फुल हो जाते हैं और फायर ब्रिगेड की गाड़ियां कम पड़ जाती हैं, क्या ऐसा पटाखा किसी भी धर्म का हिस्सा हो सकता है? हाँ या नहीं? तो विद्यार्थियों ने एक साथ हाथ उठाकर कहा- नहीं।
इसके बाद सभी बच्चों से यही अपील की गई कि कि चाहे किसी भी धर्म को मानने वाले हो, अपने किसी भी पर्व-त्यौहार में या शादी विवाह में पटाखे का बिल्कुल इस्तेमाल नहीं करें।
ग्लेनहिल स्कूल के विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए वरिष्ठ गुर्दा रोग विशेषज्ञ डॉक्टर डी.के. सिन्हा ने कहा कि शोर और प्रदूषण के कारण तमाम संवेदनशील बच्चे, सुरक्षित ठौर की तलाश में, समाज से कटने लगते हैं और यह बहुत खतरनाक स्थिति है। पटाखों के चलते कई बार आदमी की श्रवण शक्ति खत्म हो जाती है। प्रदूषण के चलते मनुष्य की हृदय गति और रक्तचाप पर प्रभाव पड़ता है। मनुष्य हों या जानवर, पटाखे का धुंआ और शोर सभी के लिए खतरनाक है। लिहाजा शादी विवाह हो या दीपावली, पटाखों का बिल्कुल इस्तेमाल नहीं करें।
धन्यवाद ज्ञापन विद्यालय के प्रधानाचार्य दिलीप कुमार मिश्रा ने किया।



