भाजपा की तारीफ पर सपा मुखिया अखिलेश द्वारा एमएलए पूजा पाल को पार्टी से निष्कासित करने पर सियासी गर्माहट

यूपी: सपा से पूजा पाल को सपा मुखिया अखिलेश यादव ने निकाल कर सही किया या गलत इस बात को लेकर राजनीति सियासी में गर्माहट आ गई है।
क्या विधायक पूजा पाल (राजू पाल की पत्नी) द्वारा विधानसभा में प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तारीफ करते हुए कहीं की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हमारे पति की हत्या का इंसाफ दिल दिया(राजू पाल का अतीक अहमद द्वारा हत्या पर)।
क्या इस बात से नाराज अखिलेश यादव ने पूजा पाल को सपा पार्टी से निष्कासित कर दिया या सत्ता के साथ चलना अर्थात चलती हुई हवा के साथ चलना पूजा पाल का स्वभाव है?
यहां दोनों बातें आ रही है कि सपा मुखिया अखिलेश को भाजपा का कसीदा पढ़ना रास नहीं आया, तो अन्य समर्थको का कहना है कि पूजा पाल जिसकी सत्ता होती है उसी के साथ रहना पसंद करती है।
क्योंकि अलग-अलग समर्थकों द्वारा सोशल मीडिया पर यहां तक कहां जा रहा है कि जब राजू पाल की हत्या हुई थी तो सबसे पहले बसपा प्रमुख मायावती ने ही पूजा पाल को मजबूत करने के लिए बसपा पार्टी से टिकट दिया था लेकिन वह उपचुनाव हार गई थी फिर भी 2007 और 2012 में बसपा प्रमुख मायावती ने विश्वास जताया और पूजा पाल चुनाव जीती थी।
दूसरे तरफ 2022 में शिवपाल सिंह यादव के विशेष समर्थन से समाजवादी पार्टी ने पूजा पाल को 2022 में टिकट दिलाया और वह विधायक बनी थी। और अब भाजपा की सरकार है तो भाजपा से टिकट के लिए भाजपा का प्रशंसा करते हुए देख सपा मुखिया अखिलेश यादव ने पार्टी से निष्कासित किया।
इसमें कितना सही और कितना गलत बात है यह तो आने वाला समय ही बताएगा अब। गौरतलब है कि विधायक पूजा पाल विधानसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की खुलकर तारीफ करते हुए अतीक अहमद को लेकर सीएम की जीरो टॉलरेंस नीति का समर्थन किया था जिससे सपा नेतृत्व नाराज था।



