ओलंपियन बॉक्सर छोटेलाल होंगे द्रोणाचार्य अवार्ड से सम्मानित

वाराणसी के अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज एवं कोच छोटेलाल यादव का चयन देश के प्रतिष्ठित द्रोणाचार्य पुरस्कार के लिए किया गया है। इस उपलब्धि से वाराणसी ही नहीं, बल्कि पूरे देश के खेल जगत में खुशी की लहर दौड़ गई है।
वाराणसी के कंदवा क्षेत्र स्थित पहाड़ी गांव के निवासी छोटेलाल यादव ने मात्र 12 वर्ष की आयु में मुक्केबाजी की शुरुआत की थी। वर्ष 1999 में उनका चयन भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) द्वारा 200 खिलाड़ियों में किया गया, जिसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। वर्ष 2005 में उन्होंने भारत के लिए एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया। इस उपलब्धि के बाद उन्होंने भारतीय सेना में प्रवेश किया और वर्तमान में हवलदार के पद पर कार्यरत हैं।
एक सफल मुक्केबाज के रूप में पहचान बनाने के बाद छोटेलाल यादव ने कोचिंग के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय सफलता हासिल की। वर्ष 2015 में उन्होंने ओलंपिक गोल्ड क्वेस्ट (OGQ) कार्यक्रम के अंतर्गत ओलंपिक पदक विजेता मैरी कॉम के निजी कोच के रूप में कार्य करना शुरू किया। उनके मार्गदर्शन में मैरी कॉम ने ओलंपिक कांस्य पदक सहित कई महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय पदक जीते।
वर्ष 2022 से छोटेलाल यादव मुक्केबाज जैस्मिन, साक्षी और अरुंधति जैसी प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को भी प्रशिक्षण दे रहे हैं। भारतीय मुक्केबाजी में खिलाड़ियों को तैयार करने और उन्हें नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए उन्हें देश के सर्वोच्च कोचिंग सम्मानों में से एक द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।



