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भारतीय मुक्केबाजी कोच धर्मेंद्र यादव को 2026 का द्रोणाचार्य पुरस्कार

उतर प्रदेश के गुन्नौर तहसील के गांव हरफरी निवासी पूर्व ओलंपियन और भारत के सबसे कम उम्र में अर्जुन अवार्ड पाने वाले भारतीय मुक्केबाज धर्मेंद्र यादव को वर्ष 2026 का द्रोणाचार्य पुरस्कार मिलने की खबर सुनते ही उनके गांव के साथ-साथ पूरे प्रदेश व भारत में खुशियों का लहर उमड़ पड़ी। राष्ट्रीय खेल दिवस पर 29 अगस्त को राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के द्वारा धर्मेंद्र यादव को द्रोणाचार्य अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा।

खिलाड़ी के रूप में देश का नाम रोशन करने के बाद धर्मेंद्र यादव विगत कई वर्षों से बॉक्सिंग के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोच की भूमिका निभा रहे हैं जिनके द्वारा ट्रेनिंग दिए हुए मुक्केबाज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीत रहे हैं। स्वयं धर्मेंद्र ने 1989 के इस्लामाबाद एसएएफ गेम्स में रजत पदक,बीजिंग एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में कांस्य पदक, 1990 में ऑकलैंड राष्ट्रमंडल खेलों और बीजिंग एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीत चुके हैं वही 1992 की एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतकर उन्होंने बार्सिलोना ओलंपिक के लिए भारत का कोटा हासिल किया था और ओलंपिक में भारत देश का प्रतिनिधित्व किया।1993 में भी ढाका में एसएफ गेम्स में भी उन्होंने कांस्य पदक जीत चुके है।

बॉक्सिंग खेल के क्षेत्र में शानदार प्रदर्शन करने के लिए धर्मेंद्र यादव को 1991 में मात्र 19 वर्ष की उम्र में ही अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। अब राष्ट्रीय बॉक्सिंग कोच के रूप में प्रतिभाओं को तरासते हुए और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता दिलाने के लिए उन्हें भारत सरकार के द्वारा 29 अगस्त 2026 को द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।

Indians News

Editor in Chief

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