बारुण में डिस्लेक्सिया जागरूकता अभियान,प्रभात फेरी निकाल बच्चों ने दिया समावेशी शिक्षा का संदेश

औरंगाबाद,बारुण: बारुण प्रखंड के विभिन्न विद्यालयों में मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को डिस्लेक्सिया जागरूकता माह के तहत विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने प्रभात फेरी निकालकर लोगों को जागरूक किया। बच्चों ने हाथों में तख्तियां लेकर पढ़ने-लिखने में होने वाली कठिनाइयों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने और हर बच्चे को समान अवसर देने का संदेश दिया।

बारुण प्रखंड के बीआरपी (IE) लाल बहादुर ने बताया कि अभियान का उद्देश्य डिस्लेक्सिया के प्रति फैली भ्रांतियों को दूर करना और बच्चों की सीखने संबंधी जरूरतों को समझने के लिए समाज को प्रेरित करना है।
नारों और पोस्टरों से किया जागरूक:नवसृजित प्राथमिक विद्यालय चेतुबिगहा, राजकीय मध्य विद्यालय पौथू, मध्य विद्यालय बखतरपा, प्राथमिक विद्यालय धमनी तथा केशव उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, सोननगर सहित विभिन्न विद्यालयों में जागरूकता गतिविधियां आयोजित की गईं। बच्चों ने प्रभात फेरी के साथ पोस्टर और चार्ट के माध्यम से भी अपनी बात रखी।
इस दौरान बच्चों ने धीमी पढ़ने की रफ्तार, मत समझो इसे बेकार, हर बच्चा अलग है, हर बच्चा खास है और डिस्लेक्सिया को समझें, समर्थन दें, ताकि हर बच्चा सीख सके जैसे नारों के जरिए लोगों को जागरूक किया।
कार्यक्रम में बताया गया कि डिस्लेक्सिया एक विशिष्ट अधिगम अक्षमता है, जो मुख्य रूप से पढ़ने और शब्दों को पहचानने जैसी क्षमताओं को प्रभावित कर सकती है। यह बुद्धिमत्ता की कमी नहीं है। सही शिक्षण पद्धति, धैर्य और सहयोग से बच्चों को सीखने तथा अपनी क्षमताओं का विकास करने में मदद मिलती है।
प्रखंड के अनेक विद्यालयों ने लिया हिस्सा:अभियान में मध्य विद्यालय खजुरी, प्राथमिक विद्यालय गोविन्दपुर, नवसृजित प्राथमिक विद्यालय महुअरी, हाई स्कूल मेह, नवसृजित प्राथमिक विद्यालय कल्याणपुर, प्राथमिक विद्यालय तेतरिया, मध्य विद्यालय धुरिया, हाई स्कूल बरौली, प्राथमिक विद्यालय बगाही, मध्य विद्यालय सनथुआ, प्राथमिक विद्यालय देवरिया, मध्य विद्यालय उर्दू काजीचक, मध्य विद्यालय गोपालपुर, प्राथमिक विद्यालय रत्नौर, प्राथमिक विद्यालय सोनबरसा, प्रोजेक्ट सहदेव सिंह कन्या हाई स्कूल, उर्दू प्राथमिक विद्यालय बारुण, मध्य विद्यालय गौठाली, मध्य विद्यालय सिलौना, नवसृजित प्राथमिक विद्यालय हरिहरगंज, मध्य विद्यालय शोभेखाप, मध्य विद्यालय मखरा, प्राथमिक विद्यालय करहरा, मध्य विद्यालय कांश, मध्य विद्यालय उर्दीना, मध्य विद्यालय पिठनुआ, प्राथमिक विद्यालय आजादबीघा, प्राथमिक विद्यालय पड़रिया तथा प्रखंड के कई अन्य विद्यालयों के छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों ने भागीदारी की।
इस अभियान के माध्यम से शिक्षकों, अभिभावकों और समाज को बच्चों की सीखने संबंधी कठिनाइयों को समझने तथा उन्हें प्रोत्साहित करने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य है कि किसी बच्चे की पढ़ने की गति या सीखने की शैली के आधार पर उसका आकलन नहीं किया जाए।



