प्रशस्त ऐप से नोडल शिक्षक होंगे सशक्त : साधन सेवी लाल बहादुर

बिहार,औरंगाबाद: बारुण प्रखंड के केशव उच्च माध्यमिक विद्यालय में चल रहे समावेशी शिक्षा संभाग द्वारा संचालित नोडल शिक्षकों का तीन दिवसीय गैर आवासीय प्रशिक्षण के आखिरी दिन आज जैमिनी ऐप के बारे में प्रशिक्षण बीआरपी लाल बहादुर ने दिया और बताया कि शिक्षण कक्ष को रोचक बनाने हेतु जैमिनी ऐप का इस्तेमाल किया जा सकता यह ऐप दृष्टि दिव्यांग बच्चों एवं श्रवण नि:शक्त बच्चों के लिए सहायक के रूप कार्य करता है और सामान्य बच्चों की कक्ष को इसके इस्तेमाल से रोचक बनाया जा सकता है उसी प्रकार दिव्यांग छात्रों के लिए राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद द्वारा विकसित प्रशस्त (PRASHAST) ऐप दिव्यांग बच्चों के शीघ्र पहचान और सहायता के लिए एक मोबाइल-आधारित स्क्रीनिंग टूल है इसके प्रशिक्षण के बाद नोडल शिक्षक स्कूल स्तर पर दिव्यांग बच्चों की पहचान के लिए स्क्रीनिंग करने में सक्षम हो पाएंगे साथ 21 दिव्यागताओं की जांच, शिक्षकों को प्रशिक्षण, बहुभाषी उपलब्धता (23 भाषाओं में), और उचित संसाधनों के लिए छात्रों को निर्देशित कर। पाएंगे, जिससे समावेशी शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा ।

वही दिव्यांगता के कारण एवं निवारण पे चर्चा संसाधन शिक्षक राकेश कुमार ने किया और आरपीडब्लूडी एक्ट २०१६ में २१ प्रकार की दिव्यांगता के बारे में विस्तार से चर्चा किए शिक्षा विभाग के सहायक कार्यक्रम पदाधिकारी गंगाधर महतो ने संबोधित करते हुए कहा कि आप सभी नोडल शिक्षक अपने अपने विद्यालय में या पोषक क्षेत्र के दिव्यांग बच्चों की पहचान कर यू डायस में इंट्री प्रधान शिक्षक की मदद से करवाए साथ ही उन्हें अलग – अलग प्रकार की मिलने वाले भत्ते दिलवाए।
वही प्रखंड के लेखापाल कुश कुमार ने अपने उद्बोधन में बताया कि जो भी शिक्षक प्रशिक्षण ले रहे उसे अपने – अपने कार्य क्षेत्र में जाकर धरातल पे उतारते तभी इसकी उपयोगिता सिद्ध होगी । प्रशिक्षण में सुरेश कुमार गुप्ता , एकता यादव , नैंसी रुहेला, अजित कुमार , नीलम गौतम , सुरभि कुमारी, राम सिंह, कौशर फातमा , पूनम यादव, अनुपम कुमार , सुबोध कुमार सुमन, शाहिना सलीम,मंजीत कुमार , मोसीहन खातून ,विनोद कुमार सिंह, चांदनी कुमारी ,रागिनी पांडेय, अरुण कुमार, सरिता, सुनीता सिंह, कुमारी प्रियंका , सरिता सुमन , खुशबू ,अमृता कुमारी , आलोक कुमार इत्यादि उपस्थित रहे।



