दिवाली पर सेंट्रल पब्लिक स्कूल परिवार की उज्ज्वल परंपरा फेलिसिटेशन सेरिमनी संपन्न

पीडीडीयू, चंदौली: सफलता केवल उपलब्धियों का नाम नहीं, यह उस यात्रा का उत्सव भी है जो समर्पण, अनुशासन और कर्मनिष्ठा की धरती से जन्म लेती है। यही उत्सव रविवार को सेंट्रल पब्लिक स्कूल ग्रुप के चंधासी ब्रांच परिसर में एक भव्य फेलिसिटेशन सेरेमनी के रूप में जीवंत हुआl जहाँ केवल सम्मान ही नहीं, रिश्तों की गरमाहट और संगठन की आत्मीयता भी खिल उठी।
यह समारोह केवल एक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि कर्मयोग का उत्सव था- जहाँ हर शिक्षक की मेहनत को प्रणाम किया गया, हर भूमिका की गरिमा को पहचाना गया, और हर मन को आगे बढ़ने की नई प्रेरणा मिली। कार्यक्रम का शुभारम्भ होते ही वातावरण में जैसे शिक्षा की पवित्रता गूंज उठी। समूह की सभी पाँच शाखाओं-
चंधासी, साहूपुरी, परशुरामपुर, धुस, और उत्तरौत- के प्रबंधन, प्रिंसिपल, कोआर्डिनेटर, शिक्षक और पैरा स्टाफ ने गरिमापूर्ण उपस्थिति दर्ज कर इस आयोजन को ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान किया। सेंट्रल पब्लिक स्कूल परिवार में यह मान्यता सदैव रही है कि उत्कृष्टता प्राप्त नहीं की जाती- उसे अर्जित किया जाता है। इसी भावना के साथ सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वालों को सम्मानित किया गया।
ब्रांच परशुरामपुर की प्रिंसिपल बिभा सिंह को न केवल उनके कुशल नेतृत्व और शैक्षिक प्रबंधन के लिए सम्मानित किया गया, बल्कि उन्हें प्रेरणास्रोत के रूप में भी स्वीकारा गया। उनके सम्मान में उपस्थित सभी ने तालियों से सभागार गुंजायमान कर दिया। उन्हें विशेष उपहार भी प्रदान किए गए l
वहीं पूरे ग्रुप में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देने वाले कोऑर्डिनेटर (आउटडोर) आउटडोर एल. के पाठक को सम्मानित किया गया। उनकी सक्रियता, कार्य के प्रति प्रतिबद्धता और सौम्यता ने सबका हृदय जीत लिया। उन्हें भी विशेष उपहार दिए गएl प्रिंसिपल उतरौत ब्रांच अंजनी दुबे, प्रिंसिपल चंधासी ब्रांच विद्यु श्रीवास्तव,प्रिंसिपल साहूपूरी ब्रांच,सपना पांडे और प्रिंसिपल धूस प्रीति गुप्ता को भी सम्मानित कर उन्हें विशेष उपहार दिए गए l

सभी ब्रांच के शिक्षकों और स्टाफ को सम्मान व उपहार प्रदान किए गएl पुरुष शिक्षकों को सूट, सफारी व पैंट–शर्ट, महिला शिक्षिकाओं को बनारसी साड़ी, ट्रॉली बैग, एयर बैग, क्रॉकरी सेट सहित अन्य उपयोगी चीजें भेंट की गईं l इसके साथ ही दीवाली की मधुर परंपरा को जीवित रखते हुए प्रत्येक सदस्य को मिठाई भी भेंट की गई।
सम्मान का चरम रूप तब देखा गया जब सभी को अंगवस्त्रम पहनाकर आदर दिया गया। भारतीय परंपरा में अंगवस्त्र केवल कपड़ा नहीं, बल्कि सम्मान की ऊष्मा और सराहना का प्रतीक है।
कार्यक्रम के समापन पर सीपीएस ग्रुप के सीएमडी डॉ. विनय कुमार वर्मा ने अपने प्रभावशाली शब्दों में सभी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा- “जो उत्कृष्ट हैं, वे प्रेरणा बनें… और जिनका प्रदर्शन सामान्य रहा है, वे भी मन में निश्चय रखें- अगला मंच आपका होगा।डायरेक्टर डॉ. सुशील कुमार वर्मा व डायरेक्टर सत्यम वर्मा ने सबका सम्मान कियाl
यह समारोह केवल पुरस्कार वितरण का कार्यक्रम नहीं था। यह उस अदृश्य डोर का उत्सव था जो सेंट्रल पब्लिक स्कूल ग्रुप को सिर्फ एक संस्था नहीं, बल्कि एक साझा परिवार बनाती है- जहाँ संबंध बढ़ते हैं, संस्कार खिलते हैं और सफलता समर्पण का आशीर्वाद बनकर उतरती है।



