सनबीम स्कूल मुगलसराय में धूम-धाम से मनाया गया वार्षिकोत्सव अभिव्यक्ति’ – 2025

पीडीडीयू,चंदौली: दुलहीपुर स्थित सनबीम स्कूल मुगलसराय 20 वर्ष की स्वर्णिम शैक्षणिक उत्कृष्टता और संस्था के गरिमामयी अस्तित्व को गौरवान्वित करने वाला श्रेष्ठतम प्रतिभा – प्रदर्शन के साथ अपना वार्षिक उत्सव मनाया, जो जिले भर में उत्कृष्ट मानक स्थापित कर रहा है। एक बहुप्रतीक्षित दिन था जिसके लिए विद्यालय के लगभग 200 से अधिक बच्चों ने विगत एक महीने से मुंबई के ख्याति प्राप्त भरत नाट्यम विशारद महेश आर पाण्डे सर के मार्गदर्शन में कड़ी मेहनत करके अपने मंचीय प्रतिभा को निखारा और सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। वार्षिकोत्सव ‘अभिव्यक्ति लोक संस्कृति, कला, संगीत और नृत्य की अद्भुत खोज, जहां परंपराओं की महक, कला की छटा, संगीत की मधुरता, और नृत्य की ताल, हर मन को बांध लेती है। आइए, इस अनोखे आयोजन में लोक जीवन के रंगों को करीब से महसूस करें और संस्कृति के अनमोल खजाने को जानें। अभिव्यक्ति अपनी जड़ों से जुड़ने का एक सुनहरा अवसर है।
कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि डॉ. दीपक मधोक चेयरपर्सन सनबीम ग्रुप ऑफ़ एजुकेशनल इंस्टिट्यूशन्स एंड सी.एम.डी., डी.एच.के. एडुसर्व एल.टी.डी. और कर्नल अमर सिंह सी.ओ. एन.सी.सी 91 यू.पी. बटालियन, सतीश जिंदल व्यवसायी और समाजसेवी डॉ, डॉ. ओ.पी. सिंह, विकास गर्ग, व विद्यालय प्रबंधन सदस्य नवनीत रमन, आत्माराम तुलस्यान, सुभाष तुलस्यान, अभिषेक तुलस्यान तथा साथ ही सोमवार को पुरस्कार समारोह कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि विभागाध्यक्ष शारीरिक शिक्षा विभाग बीएचयू लेफ्टिनेंट डॉक्टर विक्रम सिंह व विशेष न्यायाधीश, चंदौली राम बाबू यादव ने तुलसी वेदी पर दीप प्रज्ज्वलित कर तथा बाबू जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण करके किया।
विद्यालय के सेक्रेटरी यदुराज कानूडिया एवं डायरेक्टर श्वेता कानूडिया , एडिशनल डायरेक्टर श्रुति अग्रवाल, प्रधानाचार्या सौमिता चटर्जी, उप प्रधानाचार्य राम प्रताप सिंह ने पुष्प-गुच्छ एवं अंगवस्त्रम भेंट कर अतिथियों का स्वागत और अभिनंदन किया। कार्यक्रम की अगली कड़ी में छात्रों ने नाटक ‘उस पार’ पर आधारित अत्यंत भावपूर्ण नाट्य-अभिनय प्रस्तुत किया। इस प्रस्तुति में बाल कलाकारों की संवाद-अभिव्यक्ति, भाव-भंगिमा और मंच-संयोजन ने दर्शकों का मन मोह लिया। नाटक में गीत और संवाद का ऐसा सधा हुआ सामंजस्य दिखाई दिया कि पूरी प्रस्तुति जीवंत होकर मंच पर उतर आई। छात्रों की आवाज़ में भावों की गहराई, चेहरे पर उभरती अनुभूतियाँ और दृश्यों का प्रभावी निर्माण दर्शक दीर्घा को क्षण-भर में कथा के प्रवाह से जोड़ लेता है जिसके परिणाम स्वरूप सभागार में उपस्थित सभी दर्शक आनंद-विभोर होते हुए इस संवेदनापूर्ण नाट्य प्रस्तुति की भरपूर सराहना करने लगे। मुख्य अतिथि दीपक मधोक ने अपने प्रेरक उद्बोधन में कार्यक्रमों की मुक्त कंठ से सराहना की।



