प्रतिमा चैरिटेबल फॉउंडेशन द्वारा अश्वगंधा कार्यशाला का आयोजन

वाराणसी,यूपी: प्रतिमा चैरिटेबल फॉउंडेशन (पीसीएफ) द्वारा आज शहर के सुरभि होटल में अश्वगंधा विषयक एक दिवसीय कार्यशाला का भव्य एवं सफल आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य औषधीय पौधों विशेषकर अश्वगंधा के महत्व, उसके औषधीय गुणों, खेती की संभावनाओं तथा जन-जागरूकता को बढ़ावा देना रहा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नेशनल मेडिसिनल प्लांट्स बोर्ड (NMPB), भारत सरकार के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रो. महेश कुमार दाधीच रहे।
कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर मंच पर प्रतिमा चैरिटेबल फॉउंडेशन के अध्यक्ष एवं अश्वगंधा अभियान के मुख्य अन्वेषक डॉ. पंकज श्रीवास्तव, पीसीएफ के मुख्य सलाहकार श्री राजू राय, कोषाध्यक्ष एवं सह-अन्वेषक डॉ. शालिनी श्रीवास्तव, तथा सचिव सागर श्रीवास्तव उपस्थित रहे।
अपने प्रारंभिक वक्तव्य में डॉ. पंकज श्रीवास्तव ने अश्वगंधा अभियान की पृष्ठभूमि, उद्देश्य एवं भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए बताया कि यह अभियान जनमानस, विद्यार्थियों एवं किसानों को औषधीय पौधों के प्रति जागरूक करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। सागर श्रीवास्तव ने अभियान के अंतर्गत अब तक किए गए कार्यक्रमों, कार्यशालाओं एवं जागरूकता अभियानों की जानकारी साझा की।
डॉ. शालिनी श्रीवास्तव ने सभी अतिथियों, वक्ताओं एवं प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहयोग देने वालों के प्रति आभार व्यक्त किया।
वहीं राजू राय ने पीसीएफ की सामाजिक गतिविधियों, स्वास्थ्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों तथा अश्वगंधा अभियान के अंतर्गत चल रही गतिविधियों की विस्तार से जानकारी दी।
मुख्य अतिथि प्रो. महेश कुमार दाधीच ने अपने प्रेरक संबोधन में भारत सरकार एवं नेशनल मेडिसिनल प्लांट्स बोर्ड द्वारा औषधीय पौधों के संरक्षण, संवर्धन, खेती एवं विपणन को बढ़ावा देने हेतु संचालित विभिन्न योजनाओं और जन-जागरूकता अभियानों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि औषधीय पौधों की खेती किसानों के लिए आय का एक सशक्त माध्यम बन सकती है और अश्वगंधा जैसे पौधे वैश्विक स्तर पर भारत की पहचान को और मजबूत करते हैं।
कार्यक्रम के अन्य वक्ताओं डॉ. सतीश जायसवाल एवं डॉ. वीरेंद्र कुमार वर्मा ने अश्वगंधा के औषधीय गुणों, इसके स्वास्थ्य लाभ, आयुर्वेदिक महत्व तथा वाराणसी एवं आसपास के क्षेत्रों में इसकी खेती की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने किसानों को वैज्ञानिक पद्धति से खेती अपनाने का सुझाव दिया।इसके अतिरिक्त श्री सागर श्रीवास्तव एवं श्री वतन कुमार ने पीसीएफ द्वारा विद्यालयों एवं किसान भाइयों के बीच चलाए गए जागरूकता अभियानों से जुड़ी स्मृतियाँ साझा करते हुए बताया कि किस प्रकार बच्चों एवं किसानों में औषधीय पौधों के प्रति रुचि विकसित हो रही है।कार्यशाला में लगभग 125 प्रतिभागियों ने सहभागिता की, जिनमें जनपद के विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाचार्य, शिक्षकगण, शोधकर्ता, चिकित्सक, समाजसेवी एवं पत्रकार बंधु शामिल रहे। सभी प्रतिभागियों ने कार्यक्रम को अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक बताया।
कार्यक्रम का कुशल एवं प्रभावी संचालन रक्तवीर राजेश गुप्ता द्वारा किया गया।



