विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की शिक्षा को लगेंगे पंख: औरंगाबाद में साधन सेवियों को सौंपी गई ‘विशेष किट

औरंगाबाद,बिहार: समावेशी शिक्षा के लक्ष्यों को धरातल पर उतारने और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (CWSN) तक बेहतर पहुँच सुनिश्चित करने की दिशा में बिहार शिक्षा परियोजना, औरंगाबाद ने एक ठोस कदम उठाया है। विभाग द्वारा जिले के सभी 11 प्रखंडों के प्रखंड साधन सेवियों (Resource Persons) को कार्य सुगमीकरण हेतु ‘बैग किट’ उपलब्ध कराई गई है।
बिहार शिक्षा परियोजना परिषद के सहायक कार्यक्रम पदाधिकारी गंगाधर महतो ने वितरण कार्यक्रम के दौरान साधन सेवियों को संबोधित करते हुए कहा कि समावेशी शिक्षा केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक मिशन है। उन्होंने कहा:
”यह किट मात्र एक संसाधन नहीं, बल्कि क्षेत्र में कार्य करने वाले हमारे साधन सेवियों का सशक्तिकरण है। इससे फील्ड वर्क के दौरान तकनीकी और दस्तावेजी कार्यों में पारदर्शिता आएगी और हम समावेशी शिक्षा के उद्देश्यों को अधिक प्रभावी ढंग से प्राप्त कर सकेंगे।”
क्षेत्रीय चुनौतियों का समाधान बनेगी यह पहल
साधन सेवियों ने विभाग की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि इस किट से उन्हें ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों के चिन्हीकरण और डेटा प्रबंधन में काफी मदद मिलेगी। यह किट उनके पेशेवर उत्तरदायित्वों को निभाने में एक “टूल” की तरह काम करेगी, जिससे समावेशी शिक्षा की पहुँच और सुगम होगी।
बैठक और वितरण समारोह में जिले भर के समर्पित साधन सेवियों ने हिस्सा लिया। उपस्थित होने वालों में प्रमुख रूप से:
बारूण प्रखंड से: लाल बहादुर एवं श्याम बाबू।
प्रमुख प्रतिभागी: राजीव कुमार, राकेश कुमार, विजय सिंह, दीपक वर्मा, कल्पना शर्मा, आनंद वर्मा, राम अवध, मुकेश कुमार, भैया लाल, मारूफ अली साबरी, कन्हैया लाल, धर्मेंद्र प्रसाद, जय सिंह, सुनील कुमार, जिन्नत फातमा सहित अन्य शिक्षाकर्मी मौजूद रहे।



