कव्वालों ने बांधा समां:सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल बना हजरत चांद शाह बाबा का सालाना उर्स

अलीनगर,चंदौली: स्थानीय क्षेत्र के अलीनगर में प्रसिद्ध सूफी संत हजरत चांद शाह बाबा का सालाना उर्स अकीदत और एहतराम के साथ संपन्न हो गया। इस आयोजन ने न केवल धार्मिक महत्ता को दर्शाया, बल्कि यह क्षेत्र में सांप्रदायिक एकता और आपसी भाईचारे का एक बड़ा केंद्र बनकर उभरा।
नूरिया इस्लामिया कमेटी ने किया भव्य आयोजन
कार्यक्रम का सफल आयोजन नूरिया इस्लामिया कमेटी द्वारा किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता शेख़ कयामुद्दीन ने की, जबकि मंच का कुशल संचालन वसीम क़ादरी द्वारा किया गया। इस धार्मिक और सांस्कृतिक समागम में समाज के हर वर्ग की भारी भागीदारी देखने को मिली।
प्रमुख अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
उर्स के दौरान जनपद के विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता और गणमान्य नागरिक शामिल हुए। प्रमुख अतिथियों में मुख्य रूप से डॉ. आर.पी. सिंह,अलाउद्दीन क़ादरी,डॉ. अलिफ़ रज़ा,चंद्रशेखर यादव,समर सिद्दीक़ी रानू,डॉ. वीरेन्द्र बिंद,पत्रकार दीवान इमरान अहमद सहित कई अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
उर्स का मुख्य आकर्षण ‘महफिल-ए-कव्वाली’ रही। इसमें हिंदुस्तान के मशहूर फनकारों ने अपनी गायकी से समां बांध दिया। औरंगाबाद से आए बाबू गुलाम साबरी ने अपनी बुलंद आवाज से जायरीन को मंत्रमुग्ध कर दिया। वहीं फैजाबाद के साकिब साबरी ने अपनी बेहतरीन कव्वालियों के जरिए बाबा की शान में कसीदे पढ़े, जिस पर लोग देर रात तक झूमते रहे।
हिंदू-मुस्लिम एकता का संगम

इस आयोजन की सबसे खास बात इसकी सांप्रदायिक एकता रही। बाबा के दरबार में हिंदू और मुस्लिम समुदायों के हजारों लोगों ने एक साथ मिलकर दुआएं मांगीं। आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि, “यह उर्स केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी साझा संस्कृति और आपसी भाईचारे का प्रतीक है।”
भारी भीड़ के बावजूद कार्यक्रम में अनुशासन बना रहा। अंत में मुल्क की अमन-चैन, तरक्की और खुशहाली के लिए विशेष दुआ की गई।
संवाददाता : हयात हुसैन
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