शिक्षा मंत्री से मिले बॉक्सर विकास राज उपमुख्य पार्षद प्रतिनिधि ने चौसा आदर्श उच्च विद्यालय के पुनर्निर्माण की रखी मांग

चौसा, बक्सर,बिहार: नगर पंचायत चौसा स्थित आदर्श उच्च विद्यालय के जर्जर भवन के पुनर्निर्माण को लेकर एक प्रतिनिधिमंडल ने बिहार सरकार के माननीय शिक्षा मंत्री मिथलेश तिवारी से मुलाकात कर विस्तृत ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल की ओर से विकास राज (उपमुख्य पार्षद प्रतिनिधि) ने विद्यालय भवन की जर्जर स्थिति, छात्रों की सुरक्षा एवं शैक्षणिक व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं को प्रमुखता से रखा।
ज्ञापन में बताया गया कि आदर्श उच्च विद्यालय का भवन अत्यंत जर्जर हो चुका है, जिससे छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा बना हुआ है। विशेष रूप से बरसात के मौसम में भवन की स्थिति और अधिक चिंताजनक हो जाती है, जिससे शिक्षण कार्य प्रभावित होता है।
अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी उपचेयरमैन प्रतिनिधि विकास राज ने शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी से मांग की कि विद्यालय भवन का तकनीकी निरीक्षण कराकर पुराने एवं जर्जर भवन को ध्वस्त किया जाए तथा आधुनिक सुविधाओं से युक्त नए विद्यालय भवन का निर्माण कराया जाए। साथ ही पर्याप्त कक्षाओं, पुस्तकालय, प्रयोगशाला, स्वच्छ पेयजल एवं अन्य आवश्यक शैक्षणिक सुविधाओं के विकास की भी मांग की गई।
मुलाकात के दौरान माननीय शिक्षा मंत्री मिथलेश तिवारी ने विकास राज को आश्वस्त किया कि वे शीघ्र ही चौसा का दौरा करेंगे तथा विद्यालय का निरीक्षण करेंगे। उन्होंने कहा कि संबंधित विभाग को डीपीआर (विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन) तैयार करने का निर्देश दिया जाएगा, ताकि निर्माण कार्य को जल्द से जल्द प्रारंभ कराया जा सके।
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के आश्वासन से क्षेत्र के अभिभावकों, छात्र-छात्राओं एवं नागरिकों में खुशी का माहौल है। सभी ने उम्मीद जताई है कि सरकार विद्यार्थियों के हित में शीघ्र सकारात्मक कदम उठाएगी और आदर्श उच्च विद्यालय को नया एवं सुरक्षित भवन उपलब्ध कराया जाएगा।
मुख्य मांग:”नगर पंचायत चौसा स्थित आदर्श उच्च विद्यालय के जर्जर भवन को अविलंब ध्वस्त कर नए एवं आधुनिक विद्यालय भवन का निर्माण कराया जाए, ताकि विद्यार्थियों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध आधुनिक मानकों के अनुसार पुनर्निर्मित कराने की कृपा करें। साथ ही आवश्यक शैक्षणिक सुविधाओं, कक्षाओं, पुस्तकालय, प्रयोगशाला एवं स्वच्छ पेयजल जैसी मूलभूत व्यवस्थाओं का भी विकास कराया जाए।



