शी ए मूवमेंट फाउंडेशन द्वारा रक्तदान शिविर।पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा हेतु रक्तदाताओं को नीम,बेल का पौधा

पीडीडीयू,चंदौली: विश्व रक्तदाता दिवस के उपलक्ष्य में सोमवार को कैलाशपुरी स्थित मूर्ति फ्रैक्चर्स एवं सर्जिकल अस्पताल में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर सम्पन्न हुआ। अखिल भारतीय गैर सरकारी संस्था शी मूवमेंट फाउंडेशन की तरफ से आयोजित शिविर में कुल 10 यूनिट रक्तदान हुआ जिसमें महिला समेत तीन लोग पहली बार रक्तदाता बने।
स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का शुभारम्भ मुख्य अतिथि डॉ के एन सिंह वरिष्ठ हड्डी रोग चिकित्सक एवं विशिष्ट अतिथि डॉ अनिल यादव पूर्व प्राचार्य लाबशा महाविद्यालय द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि ने अपने सम्बोधन में कहा कि रक्तदान करना मानवता की सेवा करना है। आज कैंसर जैसी घातक बीमारी है तो एनिमिया से भी बड़ी संख्या में महिलाएं ग्रस्त हैं। ऐसी और भी घातक बीमारियाँ हैं जिसमें रक्त की बहुत जरुरत होती है। आज भी रक्त की बड़ी मात्रा में कमी महसूस की जाती है। यदि यह बात हर व्यक्ति समझ ले और रक्तदान अवश्य करे तो निश्चित ही किसी व्यक्ति की रक्त की कमी से जान नहीं जाएगी। इसलिए कहा जाता है कि रक्तदान करना किसी भी पीड़ित व्यक्ति की सेवा करने जैसा है। विशिष्ट अतिथि डॉ अनिल यादव ने कहा कि रक्तदान करना बड़े सौभाग्य की बात है कि आप किसी की बहुत बड़ी मदद करते हैं जिसे आपका रक्त दिया जाता है। उसी तरह यह चक्र चलता है और मदद का यह सिलसिला आगे बढ़ता है। हमे मदद करना, मानवता की सेवा करना कभी नहीं छोड़ना चाहिए।
शिविर में कुल पंजीकरण 21 व्यक्तियों का हुआ जिसमें 10 लोगों को ही रक्तदान करने का मौका मिल पाया। शिविर में नगर के समाजसेवी व उद्यमी डॉ विकास गर्ग ने 91वीं बार रक्तदान किया तो उनके बेटे पराग ने भी साथ में रक्तदान किया। उन्होंने कहा कि पीड़ित मानवता की सेवा करना ही उनका उद्देश्य है। 56 वर्षीय डॉ गर्ग ने सभी नौजवान युवक-युवतियों को रक्तदान अवश्य करने की प्रेरणा दी। शिविर शिक्षाशास्त्री डॉ रीता यादव ने पहली बार रक्तदान किया तो दूसरी तरफ बीएचयू में पढ़ने वाले 18 वर्षीय आदित्य सिंह एवं सर्राफा व्यवसायी 18 वर्षीय ओम वर्मा ने भी पहली बार रक्तदान करने का सुख प्राप्त किया। शिविर में संस्था की तरफ से पर्यावरण संरक्षण का सन्देश देते हुए सभी लोगों को नीम, बेला व पारिजात का पौधा स्मृति चिह्न स्वरूप प्रदान किया गया। साथ ही सभी को प्लास्टिक थैलियों का इस्तेमाल कम करने का संकल्प कराया गया। शिविर में बाबा कीनाराम स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालय स्थित ब्लड बैंक की टीम आयी हुयी थी जिन्होंने अपना सहयोग दिया। साथ ही संस्था उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ रक्तदान शिविर आयोजन के लिए स्मृति चिह्न व प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। रक्तदान करने वालों में डॉ विकास गर्ग, डॉ रीता यादव, प्रभाकर सिंह, पराग गर्ग, आदित्य सिंह, यासिर जावेद, मयूर अग्रवाल व सिद्धार्थ थे। शिविर में सहयोगी के रूप में पीयूष राठौर, कुमार नन्दजी, आयुष वर्मा, इशानी अग्रहरि, क्षितिज अग्रहरि, देवांश जायसवाल आदि थे। उद्घाटन सत्र का संचालन प्रभाकर सिंह ने किया।



