भारतीय किसान यूनियन के संस्थापक महेन्द्र सिंह टिकैत की 15 वीं पुण्य तिथि संकल्प दिवस के रूप में मनाया

चंदौली, यूपी: ब्लाक सहाबगंज के हनुमान मंदिर मे भाकियू टिकैत के संस्थापक और किसानों के मसीहा महेन्द्र सिंह टिकैत की 15 वीं पुण्य तिथि को जल जंगल जमीन बचाओ का संकल्प लेकर इसे संकल्प दिवस के रूप मे सैकड़ो किसानों ने मनाया. इस अवसर पर वृक्ष लगाकर जंगल बचाने का मैसेज लोगो को दिया गया।इस अवसर पर प्रादेशिक संगीत बिरहा का भी कार्यक्रम भी आयोजन किया गया।संगठन के पदाधिकारी एवं तमाम कार्यकर्तावो ने बाबा महेन्द्र सिंह के चित्र पर पुष्प अर्पित क़र जल जंगल ज़मीन बचावो का संकल्प लिया ए वृक्ष बचावो के तहत बृक्षरोपड़ का एक कार्यक्रम भी आयोजित किया गया।एडीओ पंचायत सहाबगंज अरविन्द सिंह को बाजार मे नाली जाम और सहाबगंज फीडर मे लगे तार जर्जर होने पर बदली के संबंध मे एक ज्ञापन सौपा गया.तमाम वक्ताओं ने अपने विचार प्रकट किया. इस अवसर पर मंडल प्रवक्ता मणि देव चतुर्वेदी ने कहा कि सरकार के उदासीनता के चलते जो काम का संकल्प सरकार को करना चाहिए उसका संकल्प आम नागरिक क़र रहे है, जो शर्म की बात है।
अगर जमीन और जल की बात करें तो धानापुर गंगा किनारे बसे कई गांव की हजारों एकड़ भूमि गंगा में समाहित हो रही है, लोग बेघर हो रहे है. सरकार को कोई चिंता नही है.गंगा का चैनल भी अलग दिशा तैयार क़र रहा है, बीते दिनों इसी बढ़ते चैनल की वजह से गंगा मे एक युवक की डूबने से मौत हो गयी. ऐसा कृत्य सरकार की उदासीनता को दर्शाता है. जंगल की बात करें तो विकाश के नाम पर नौगढ़ के जंगलो को काटा जा रहा है, आदिवासियों को बिना स्थापित किये उजाड़ा जा रहा है. किसानों से जबरन भूमि विकाश के नाम पर भूमि अधिग्रहण की जा रही है. उनको मुआवजा भी नही मिल रहा है, कार्यालयों और जन प्रतिनिधियों के यहाँ किसान चक्कर काट रहे है. सिर्फ आश्वासन पर आश्वासन मिल रहा हा क्या सरकारे ऐसी होती है.सरकार जल जंगल और जमीन बचाने के प्रति गंभीर नही दीख रही है सिर्फ दोहन क़र रही है।जिससे वातावरण को गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है. कथित विकाश के नाम पर जन जीवन संकट मे पड गया है, किसानों से भूमि अधिग्रहण क़र औने पौने दाम पर पूजीपतियों को बेचीं जा रही है।सरकार द्वारा जल जंगल जमीन की अनदेखी के चलते आज़ संगठन के लोगो ने संकल्प लिया कि अंतिम दम तक प्रकृति को बचाने की लड़ाई लड़ेगा. तभी महेन्द्र सिंह टिकैत का सपना साकार होग़ा। किसान मसीहा का यही सपना था, उन्होंने मरते दम तक यह लड़ाई लड़ी।
जिलाध्यक्ष सतीश सिंह चौहान ने कहा कि बाबा के गुड़गुड़े से दिल्ली की सत्ता हरकत में आ जाती थी।उन्होंने किसानों मजदूरों पीड़ितों शोषितो वंचितों की बात की।उन्हें जेल जाने की कोई परवाह नही की।जिले की भूपेंली पम्प कैनाल बाबा की देन है. इसके लिए बाबा ने आंदोलन किया था. कंदवा मे तीन किसानों की पुलिस की गोली लगने से शहीद हो गए था. बाबा हजारों किसानों के साथ शिवपुर जेल मे कई दिन तक बंद रहे. बाबा ने इस जिले के साथ साथ पुरे देश मे जल जंगल जमीन बचाने की लड़ाई लड़ी, जिला उनके इस योगदान को कभी नही भूलेगा. आज़ बढ़वल बरह महाइच के साथ साथ उत्तर प्रदेश से लगी सीमा बिहार भी हरा भरा है. इस अवसर पर जिलाउपाध्यक्ष छोटे लाल मोछू नगर अध्यक्ष चंदौली डा राजीव मौर्या तहसील अध्यक्ष चकिया रूपेंद्र सिंह चंदौली कन्हैया मौर्या मुगलसराय अलाउद्दीन सकलडीहा श्रवण मौर्या ने अपने विचार ब्यक्त किये. साथ ही सभा मे ब्लाक अध्यक्ष सहाबगंज प्रमोद चौहान चंदौली प्रभाकर सिंह सकलडीहा सुरेन्द्र यादव धानापुर जीऊत पाल बरहनी जीऊत मौर्या मुगलसराय विनोद चौहान ग्राम अध्यक्ष पंकज फूलचंद परवम चंद कृष्णा लल्लन पाल संजय विश्वकर्मा शम्भू चौहान कन्हैया चौहान अनिल पत्तू आदि आदि मौजूद रहे सभा की अध्यक्षता शशिकांत मौर्या और संचालन सतीश सिंह चौहान ने किया।



