पीडीडीयू जं के बाहर मां काली मंदिर की जगह को कई बार विरोध के बाद आखिरकार हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति के साथ स्थानांतरित कर दी गई।इस प्राणप्रतिष्ठा के दौरान अभी तक रात्रि कोई विरोध प्रतिक्रिया तो नहीं आई परन्तु कभी जगह को लेकर तो कभी दिशा को लेकर क्या विरोध होगी खत्म ? अब भी एक रहस्य बना है

चौसा,बक्सर: नगर पंचायत चौसा क्षेत्र के नरबतपुर निवासी वीर सपूत शहीद हवलदार सुनील सिंह, जिन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान मातृभूमि की रक्षा करते हुए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया, उनकी शहादत को एक वर्ष पूरा होने जा रहा है। लेकिन आज भी उनके नाम पर प्रस्तावित शहीद गेट एवं शहीद स्मारक का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। यह पूरे क्षेत्र के लिए चिंता और पीड़ा का विषय है।
नगर पंचायत चौसा के युवा समाजसेवी विकास राज ने कहा कि जब शहीद हवलदार सुनील सिंह का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव नरबतपुर पहुँचा था, तब पूरा क्षेत्र शोक में डूबा हुआ था। उस समय जनप्रतिनिधियों, मंत्रियों, अधिकारियों और राजनीतिक दलों के नेताओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी थी। मंचों से बड़े-बड़े वादे किए गए थे। घोषणा हुई थी कि शहीद की याद में भव्य शहीद गेट और स्मारक बनाया जाएगा, ताकि आने वाली पीढ़ियाँ उनके बलिदान से प्रेरणा ले सकें।
लेकिन आज एक वर्ष बीत जाने के बाद ऐसा प्रतीत होता है कि वे वादे केवल भाषणों तक सीमित रह गए हैं।
विकास राज ने कहा कि उपलब्ध जानकारी के अनुसार जिला प्रशासन द्वारा आवश्यक स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है, परियोजना का एस्टीमेट तैयार हो चुका है तथा आवश्यक एनओसी भी प्राप्त हो चुकी है। यदि प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, तो सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि निर्माण कार्य आखिर अब तक शुरू क्यों नहीं हुआ?
उन्होंने कहा कि यह किसी दल या व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे समाज की भावनाओं से जुड़ा विषय है। शहीद किसी एक परिवार का नहीं, पूरे राष्ट्र का गौरव होता है। उनके सम्मान में देरी केवल एक निर्माण कार्य की देरी नहीं, बल्कि उन भावनाओं की उपेक्षा है, जिनके लिए उन्होंने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया।
विकास राज ने कहा कि जब शहादत हुई थी तब नेताओं, मंत्रियों और अधिकारियों की लंबी कतारें लगी थीं। आज एक वर्ष बाद वही शहीद मानो सबकी यादों से ओझल हो गए हैं। यह स्थिति अत्यंत दुखद है। यदि शहीदों का सम्मान केवल श्रद्धांजलि कार्यक्रमों और घोषणाओं तक सीमित रह जाएगा, तो यह समाज के लिए चिंतन का विषय है।उन्होंने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया कि यदि सभी औपचारिकताएँ पूरी हो चुकी हैं तो बिना किसी और विलंब के शहीद हवलदार सुनील सिंह के नाम पर प्रस्तावित शहीद गेट एवं शहीद स्मारक का निर्माण कार्य तत्काल प्रारंभ कराया जाए।
विकास राज ने कहा कि चौसा की जनता किसी पर आरोप नहीं लगा रही, बल्कि केवल यह जानना चाहती है कि आखिर इस विलंब के लिए जिम्मेदार कौन है और इस समस्या का समाधान कब होगा। जनता की भावना है कि शहीद के सम्मान से जुड़े कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए।उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे इस मांग को राजनीतिक दृष्टि से नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति और शहीद के सम्मान के रूप में देखें तथा शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से इस आवाज़ को मजबूत करें।”हम सम्मान मांग रहे हैं, कोई एहसान नहीं।”



