सुरक्षित होंगे उत्तर प्रदेश के 1.40 लाख स्कूल: खतौली में आपदा विशेषज्ञों का लाल दयाल स्कूल में आवासीय प्रशिक्षण शुरू

मुजफ्फरनगर,यूपी: उत्तर प्रदेश के विद्यालयों को सुरक्षित और आपदा-प्रतिरोधी बनाने के उद्देश्य से संचालित ‘स्कूल सेफ्टी एंड रिस्क असेसमेंट प्रोजेक्ट’ के अंतर्गत खतौली में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत प्रदेश के लगभग 1.40 लाख सरकारी एवं सहायता प्राप्त विद्यालयों का
सुरक्षा एवं जोखिम आकलन (सेफ्टी ऑडिट) किया जाना है। इसी कड़ी में चयनित संस्था बेनेट कोलमैन लिमिटेड द्वारा खतौली स्थित लाल दयाल पब्लिक स्कूल में फील्ड ऑडिटर्स और डिजास्टर एक्सपर्ट्स के लिए तीन दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में सीनियर मैनेजर (डिजास्टर) मनोज कुमार सिंह के साथ प्रबंधन टीम के मुख्य सदस्य चंद्रेश कौशिक, दीपक गुप्ता, रमाकांत और देवेन्द्र सिंह की उपस्थिति में विशेषज्ञों को गहन प्रशिक्षण दिया जा रहा है। परियोजना प्रबंधन टीम ने बताया कि इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के विद्यालयों को अधिक सुरक्षित और आपदा-सक्षम बनाना है, ताकि विद्यार्थियों के लिए एक सुरक्षित शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराया जा सके। तीन दिनों तक चलने वाले इस आवासीय प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को स्कूल सेफ्टी ऑडिट की कार्यप्रणाली, स्ट्रक्चरल एवं नॉन-स्ट्रक्चरल सुरक्षा मूल्यांकन, फायर एवं इलेक्ट्रिकल सेफ्टी के आधारभूत सिद्धांतों की विस्तृत जानकारी दी जा रही है।
विशेषज्ञों को आपदा जोखिमों की पहचान और आकस्मिक सुरक्षा उपायों के साथ-साथ मोबाइल ऐप आधारित डिजिटल डेटा संग्रह (Data Collection) की आधुनिक प्रक्रिया भी सिखाई जा रही है। इसके माध्यम से धरातल पर मिलने वाले साक्ष्यों को तुरंत अपलोड किया जा सकेगा। इस प्रशिक्षण के उपरांत फील्ड ऑडिटर्स, डिजास्टर एक्सपर्ट्स, फायर सेफ्टी एक्सपर्ट्स और सिविल इंजीनियर्स की एक संयुक्त टीम गठित की जाएगी। यह प्रशिक्षित टीम प्रदेश भर के विद्यालयों में जाकर सुरक्षा मानकों की जांच करेगी।



