मेरी गिरफ्तारी का वारंट किसान नेता होना नहीं, ब्राह्मण होना है: मणि देव चतुर्वेदी

चंदौली,यूपी: संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व मे विंध्य एक्सप्रेसवे क़ो लेकर लगभग 30 दिन तक अनिश्चितकालीन धरना चला। 10 की रात धरने से किसान नेता और भारतीय किसान यूनियन के मंडल प्रवक्ता मणि देव चतुर्वेदी ने अपनी गिरफ्तारी पर मुँह खोला है।किसान नेता ने बताया कि ज़ब अनिश्चितकालीन धरने की सुचना 13 जुलाई क़ो ज्ञापन के माध्यम से उपजिलाधिकारी सदर क़ो दे दी गयी थी। उसके बाद 29 दिन पुलिस के देखरेख मे शांतिपुर्वक धरना चला। 10 अगस्त क़ो किसान महापंचायत भी हुयी। उस पंचायत मे सत्ता पक्ष के विधायक सुशील सिंह ने भी पंचायत मे आकर धरने क़ो समर्थन दिया। उसी रात लगभग 11 बजे चार किसानों क़ो गिरफ्तार कर थाने ले जाया गया।तीन किसानों क़ो रात छोड़ दिया गया और किसान नेता मणि देव चतुर्वेदी क़ो गिरफ्तार किया गया।
जेल के सलाखों के पीछे एक जरायम मुजरिम की तरह रखा गया।एफआईआर मे कहा गया कि मणि देव चतुर्वेदी जोर जोर से चिल्ला रहे थे। राहगीरों क़ो परेशानी हो रही थी।बहुत समझाया गया पर मान नहीं रहे थे।अगर गिरफ्तार नहीं किया जाता तो संज्ञेय अपराध कर बैठते।किसान नेता ने कहा कि गिरफ्तारी के समय सीओ चंदौली तमाम दल बल के साथ थे तो हल्ला करते समय का कोई वीडियो पुलिस के पास है।कोई राहगीर चश्मदीद गवाह है. रात क़ो गहरी नींद मे सोते समय उठाया गया. रिपोर्ट फर्जी है।उसके बाद 12 अगस्त क़ो सीओ चंदौली के नेतृत्व मे दो थानो की पुलिस लगभग रात साढ़े ग्यारह बजे मेरे आवास पर आई. विंध्य एक्सप्रेसवे क़ो लेकर तीखी बहस हुयी। धरना प्रदर्शन न करने की मौखिक हिदायत दीं गयी। मैंने पूरा आश्वासन दिया कि बिना सुचना कोई धरना प्रदर्शन नहीं होगा और ना ही इरादा है। 13 अगस्त क़ो बकायदा एसएचओ सकलडीहा से दिन मे वार्ता हुयी।मुझे कोई नोटिस नहीं दीं गयी।एक दिन बाद उपजिलाधिकारी सकलडीहा की तरफ से 14 अगस्त क़ो नोटिस मिली कि आप 13 अगस्त क़ो धरना प्रदर्शन कर रहे तो आपको छः महीने के लिए निरुद्ध किया जाता हैं।उक्त तिथि क़ो कोई धरना प्रदर्शन नहीं किया और ना ही मेरे द्वारा उक्त तिथि क़ो धरना प्रदर्शन करने बाबत कोई बयान जारी किया गया था। ज़ब मैंने कोई ऐसा कृत्य किया ही नहीं तो मैं जमानत क्यों करवाऊ।
फिर मुझे 24 अगस्त क़ो न्यायालय के समक्ष उपस्थित होना था।मैं उक्त तिथि क़ो न्यायालय मे उपस्थित होकर अपना पक्ष रखा।जिसका साक्ष्य मेरे पास है।अब 02 सितंबर क़ो मेरी गिरफ्तारी का वारंट जारी हुवा है कि 24 अगस्त क़ो न्यायालय मे अनुपस्थित रहने पर गिरफ्तारी का वारंट जारी किया जाता है. मेरा कूसूर सिर्फ इतना है कि जिले के जन प्रतिनिधियों के इशारे पर, किसान नेता के वजह से नहीं, एक ब्राह्मण होने के नाते मुझे प्रताड़ित और परेशान किया जा रहा है। मौजूदा सरकार मे ब्राह्मणो क़ो टारगेट किया जा रहा है।मुझपर कितना भी फर्जी मुकदमे लाद दिए जाए मैं झूठ के आगे नहीं झूकूंगा। जेल जाना मंजूर है लेकिन मेरी अभिब्यक्ति क़ो बंद करना मंजूऱ नहीं।जान चली जाए पर सत्य के मार्ग से पीछे नहीं हटुगा।किसानों मजदूरों शोषितो वंचितों की आवाज़ उचित माध्यम से संवैधानिक तरीके से उठाता रहुगा।जहाँ किसानों का पसीना बहेगा मैं अपना खून बहा दुगा। विंध्य एक्सप्रेसवे जैसी योजनाये धान का कटोरा ख़त्म करने का कथित प्रयास है। ऐसी योजनाए चंदौली के किसानों के लिए घातक है। इसके लिए यूपीडा की बातों पर अमल करते हुवे एक बोर्ड बनाकर अलाइमेंट बनाया जाय फिर किसानों की जमीनो क़ो अधिग्रहण किया जाय।अगर प्रशासन ज्यादा प्रताड़ित करेगा तो जिले के तमाम किसान आमरण अनशन पर बैठेंगे। जरूरत पड़ी तो बड़ी संख्या मे किसान जंतर मंतर पर आंदोलन करने क़ो मजबूर होंगे। इसकी सारी जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होंगी। शान्तिपुर्वक धरना प्रदर्शन नागरिकों का मौलिक अधिकार है।



