नेशनल इंटीग्रेटेड मेडिकल एसोसिएशन(नीमा)के सौजन्य से नगर के होटल में मधुमेह(डायबिटीज) पर सेमिनार

चंदौली: *मधुमेह (डायबिटीज)एक गंभीर समस्या* नेशनल इंटीग्रेटेड मेडिकल एसोसिएशन(नीमा)के सौजन्य से नगर के होटल में मधुमेह(डायबिटीज) पे एक सेमिनार का आयोजन हुआ जिसका माननीय विधायक श्री रमेश जायसवाल जी ने दीप प्रज्वलित कर किया विशिष्ट अतिथि डॉ वाई के राय एवम डॉ सौम्या तिवारी जी की उपस्थिति थी,माननीय विधायक जी ने नीम को सतत चिकित्सा शिक्षा के माध्यम से लोगो को जागरूप करने पे हार्दिक बधाई दी।
इस अवसर पे प्रमुख वक्ता डॉ अलंकार तिवारी ने बताया कि दुनियाभर में हर साल डायबिटीज़ से दस लाख से ज़्यादा लोगों की मौत हो रही है और यह बीमारी किसी को कभी भी हो सकती है।
यह एक ऐसी बीमारी के तौर पर उभरी है जो बेहद तेज़ी से बच्चों से लेकर युवाओं को अपनी चपेट में ले रही है।दरअसल, यह बीमारी तब होती है जब शरीर के अंदर रक्त में ग्लूकोज या शुगर की मात्रा जमा होने लगती है. इससे पीड़ित लोगों को हार्ट अटैक (दिल का दौरा) और हार्ट स्ट्रोक (हृदयाघात) हो सकता है।
इसके साथ-साथ डायबिटीज़ से अंधापन, किडनी फेल और पैरों के निष्क्रिय होने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है.दुनियाभर में हर साल डायबिटीज़ से दस लाख से ज़्यादा लोगों की मौत हो रही है और यह बीमारी किसी को कभी भी हो सकती है।यह एक ऐसी बीमारी के तौर पर उभरी है जो बेहद तेज़ी से बच्चों से लेकर युवाओं को अपनी चपेट में ले रही है।
दरअसल, यह बीमारी तब होती है जब शरीर के अंदर रक्त में ग्लूकोज या शुगर की मात्रा जमा होने लगती है. इससे पीड़ित लोगों को हार्ट अटैक (दिल का दौरा) और हार्ट स्ट्रोक (हृदयाघात) हो सकता है।
इसके साथ-साथ डायबिटीज़ से अंधापन, किडनी फेल और पैरों के निष्क्रिय होने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है.विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक़, दुनिया भर में इस समय 42.2 करोड़ लोग डायबिटीज़ यानी मधुमेह से पीड़ित हैं. बीते 40 सालों में मधुमेह की चपेट में आने वाले लोगों की संख्या चार गुना बढ़ गई है.मधुमेह (Diabetes) से बचने के लिए, स्वस्थ जीवनशैली अपनाना, नियमित व्यायाम करना, संतुलित आहार लेना, और तनाव को नियंत्रित करना महत्वपूर्ण है।



