नगरपालिका द्वारा शहर में तीन स्थानों पर अत्याधुनिक एयर मिस्ट टावर,शहर को वायु प्रदूषण से राहत मिलेगी

मुजफ्फरनगर,यूपी: नगर पालिका परिषद ने वायु प्रदूषण से संघर्ष करते हुए एक नई सौगात शहरवासियों को देने का काम किया है। वायु प्रदूषण से निपटने के लिए शहर में अब स्वच्छ हवा के लिए पालिका ने कदम बढ़ाया है। गन्दगी स्थलों को स्वच्छता और विकास की तस्वीर में बदला गया है। पालिका अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप की पहल पर जलकल विभाग के द्वारा शहर के तीन स्थानों पर एयर मिस्ट टावर स्थापित किये गये, जिनका बुधवार को पालिका अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप ने ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह के साथ विधिवत उद्घाटन किया।
राज्य वित्त आयोग से प्राप्त निधि के अंतर्गत लगभग एक करोड़ रुपये की लागत से शहर के तीन प्रमुख स्थानों पर ये एयर मिस्ट टावर स्थापित किए गए हैं। इनमें जिला अस्पताल रुड़की रोड मुख्य मार्ग, कम्पनी गार्डन के बाहर मेरठ रोड तथा भोपा रोड पर गांधी पॉलिटेक्निक के पास के स्थान शामिल हैं। इनमें से कम्पनी गार्डन और जिला अस्पताल पर पूर्व में कूड़ा डलावघर स्थापित थे। प्रदूषण नियंत्रण विभाग से समन्वय स्थापित करते हुए शहर में उन स्थानों का चयन किया गया, जहां प्रदूषण की स्थिति अधिक पाई जाती है। इन्हें प्रदूषण के हॉट स्पॉट के रूप में चिन्हित कर वहां मिस्ट टावर लगाए गए हैं। यह टावर सेंसर आधारित प्रणाली पर कार्य करेगा। जैसे ही वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) में गिरावट या धुंधयुक्त प्रदूषण की स्थिति बढ़ेगी, टावर स्वचालित प्रणाली से चालू हो जाएगा। बताया गया है कि यह 30 मिनट में लगभग 250 मीटर क्षेत्र को कवर कर सूक्ष्म जलकणों के माध्यम से धूल कणों को नियंत्रित करते हुए हवा को स्वच्छ बनाने में भूमिका निभायेगा।

स्थापना के बाद एक वर्ष तक संबंधित अधिष्ठाता कंपनी ही इन टावरों का संचालन एवं रखरखाव करेगी। 24 घंटे की व्यवस्था के तहत एक ऑपरेटर और एक सुरक्षा गार्ड तैनात रहेगा। एयर मिस्ट टावर के लिए 5 हजार लीटर क्षमता का मुख्य जल टैंक स्थापित किया गया है, जबकि 2 हजार लीटर का अपशिष्ट जल टैंक अलग से बनाया गया है। इस अपशिष्ट जल का उपयोग सड़क डिवाइडर पर लगे पौधों की सिंचाई में किया जाएगा, जिससे जल संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।पालिकाध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप ने लोकार्पण के अवसर पर कहा कि यह योजना शहर के लिए अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने कहा कि जो स्थान पहले कूड़ा डलावघर के रूप में गंदगी के प्रतीक बन चुके थे,शहर को कूड़ा मुक्त और प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जाएगा। इस दौरान मुख्य रूप से ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह, सभासद इरशाद अंसारी और जलकल विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।



