बारुण में ‘गुरु गोष्ठी’ संपन्न: ई-शिक्षाकोष से लेकर समावेशी शिक्षा के 9 मुख्य एजेंडों पर हुई गहन समीक्षा

बारुण,औरंगाबाद: शिक्षा विभाग के दिशा-निर्देशों के आलोक में सोमवार को स्थानीय एकीकृत उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, सोननगर के प्रांगण में प्रखंड स्तरीय ‘गुरु गोष्ठी’ (शिक्षक समीक्षा बैठक) का आयोजन अत्यंत गरिमामयी और ऊर्जावान माहौल में संपन्न हुआ। बैठक दो अलग-अलग चरणों में सुचारू रूप से आयोजित की गई, जिसमें प्रखंड के सभी विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों ने शत-प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित की।
दो पालियों में हुई प्रगति की समीक्षा
बैठक को सुव्यवस्थित रखने के लिए इसे दो चरणों में बांटा गया था। प्रथम पाली में पूर्वाह्न 11:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक प्रखंड के सभी मध्य विद्यालयों (मिडिल स्कूल) के प्रधानाध्यापकों के साथ समीक्षा की गई। इसके तुरंत बाद, दूसरी पाली में सभी प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों ने हिस्सा लिया और अपने-अपने विद्यालयों की अद्यतन प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्य अतिथि और उपस्थित शिक्षक साथियों का गर्मजोशी से स्वागत किया गया।
इन 9 मुख्य एजेंडों पर केंद्रित रही बैठक
समीक्षा के दौरान सरकार द्वारा संचालित शैक्षणिक व प्रशासनिक योजनाओं से जुड़े निम्नलिखित 9 बिंदुओं पर बिंदुवार गहन मंथन किया गया:
ई-शिक्षाकोष पोर्टल प्रविष्टि: कक्षा 1 से 12 तक के सभी छात्र-छात्राओं का 100% डेटा ऑनलाइन दर्ज करना।
U-DISE+: सभी बच्चों की प्रोफाइल एंट्री को अविलंब ऑनलाइन अपडेट करना।अपार (APAAR) ID: शत-प्रतिशत बच्चों की विशिष्ट ‘अपार आईडी’ निर्माण की प्रगति।छात्रवृत्ति प्रविष्टि: कक्षा 9 से 12 के पात्र छात्रों की छात्रवृत्ति प्रविष्टि ससमय ऑनलाइन करना।विद्यालय किट एवं पोशाक: छात्र-छात्राओं के बीच किट व पोशाक वितरण की भौतिक स्थिति की समीक्षा।
भवन विकास व निपुण भारत: विद्यालयों के विकास कार्यों की प्रोग्रेस रिपोर्ट और ‘निपुण भारत’ मिशन की समीक्षा।बिजली कनेक्शन व स्मार्ट मीटर: जिन स्कूलों में बिजली कार्य या स्मार्ट मीटर लंबित हैं, वहां त्वरित कार्रवाई।
मुख्यमंत्री पुरस्कार योजना: योजना के सफल क्रियान्वयन एवं इसके तहत किए गए कार्यों का मूल्यांकन।विशेष एजेंडा (समावेशी शिक्षा): दिव्यांग बच्चों (CWSN) को मिलने वाले विभिन्न भत्तों (जैसे- परिवहन, एस्कॉर्ट और स्टायपेंड) से संबंधित अद्यतन रिपोर्ट जमा करना।
रास्ते की समस्या पर बीडीओ की संवेदनशीलता
बैठक की अध्यक्षता कर रहे प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) सह प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO), बारुण ने शिक्षकों की व्यावहारिक समस्याओं को सुनते हुए एक बेहद सराहनीय पहल की। उन्होंने मंच से घोषणा की कि, “प्रखंड के जिन भी विद्यालयों में आवागमन के लिए उपयुक्त रास्ता (एप्रोच रोड) नहीं है, वहां के प्रधानाध्यापक इसके निराकरण के लिए सीधे प्रखंड कार्यालय में लिखित आवेदन दें।” बीडीओ साहब ने आश्वस्त किया कि ग्रामीण विकास योजनाओं के तहत प्राथमिकता के आधार पर उन रास्तों की समस्या का प्रशासनिक स्तर पर त्वरित समाधान किया जाएगा।
इसके साथ ही, समग्र शिक्षा अभियान के तहत मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद सहायक कार्यक्रम पदाधिकारी (APO) श्री गंगा धर महतो और बीडीओ साहब ने संयुक्त रूप से कड़ा रुख अपनाते हुए आदेश दिया कि विभागीय कार्यों और ई-शिक्षाकोष पोर्टल को अपडेट रखने में किसी भी स्तर पर शिथिलता या लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मंच संचालन और प्रशासनिक टीम
इस वृहद बैठक के मंच का कुशल संचालन और अंत में सभी के प्रति धन्यवाद ज्ञापन प्रखंड साधन सेवी (BRP- समावेशी शिक्षा) लाल बहादुर द्वारा किया गया। बैठक को तकनीकी व प्रबंधकीय रूप से सुदृढ़ बनाने में प्रखंड लेखापाल (अकाउंटेंट) कुश कुमार, संसाधन शिक्षक श्याम बाबू, ब्लॉक आईटी समन्वयक पीयूष कुमार, पिरामल फाउंडेशन से रिया बच्चर और प्रथम एजुकेशन से डॉली कुमारी ने अपनी सक्रिय और महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

इस गोष्ठी में प्रखंड के विभिन्न संकुलों से आए प्रधानाध्यापकों व शिक्षकों ने विपरीत परिस्थितियों के बावजूद शिक्षा की अलख जगाने का साझा संकल्प लिया। मौके पर मुख्य रूप से शिक्षक अमित कुमार, जय किशन चौधरी, सुधीर कुमार, संजय सिंह, अरविन्द कुमार, दीपक कुमार, विजय सिंह, कृष्णा ठाकुर, मो0 आलमगिर, आशा कुमारी, रीता कुमारी, सुजीत कुमार, इंद्र परी कुमारी, बबन कुमार, बृजेश कुमार, ललन कुमार सिंह, राजीव कुमार, सरिता, मौसीहन खातून सहित प्रखंड के सभी प्राथमिक एवं मध्य विद्यालयों के प्रधान शिक्षक व शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं।



