BRC बारुण में PBL कार्यशाला का सफल आयोजन

बारुण,औरंगाबाद: प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग (PBL) कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर प्रखंड संसाधन केंद्र (BRC), बारुण के तत्वावधान में केशव उच्च विद्यालय, सोननगर में कक्षा 6 से 8 के गणित एवं विज्ञान शिक्षकों के लिए एक दिवसीय प्रखंड स्तरीय उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में मास्टर ट्रेनरों एवं प्रखंड तकनीकी टीम (TEC/BTT) के सदस्यों ने शिक्षकों को गतिविधि आधारित एवं आधुनिक शिक्षण पद्धतियों की जानकारी दी।
कार्यशाला में PBL, राष्ट्रीय मूल्यांकन केंद्र ‘परख’ (PARAKH), मीना मंच तथा TaRL (Teaching at the Right Level) जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षण प्रक्रिया को अधिक प्रभावी, रोचक एवं विद्यार्थी-केंद्रित बनाना रहा।
मास्टर ट्रेनर खुश्बू कुमारी ने प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग की मूल अवधारणा, उद्देश्य तथा कक्षा-कक्ष में प्रोजेक्ट आधारित शिक्षण को प्रभावी ढंग से लागू करने की प्रक्रिया समझाई। उन्होंने बताया कि PBL के माध्यम से विद्यार्थियों को विषयवस्तु को वास्तविक जीवन की परिस्थितियों से जोड़कर सीखने का अवसर मिलता है।
जागृति पाण्डेय ने राष्ट्रीय मूल्यांकन केंद्र ‘परख’ (PARAKH) के उद्देश्यों तथा विद्यालयों में मीना मंच के माध्यम से बालिकाओं की सक्रिय सहभागिता, आत्मविश्वास एवं नेतृत्व क्षमता विकसित करने के तरीकों पर मार्गदर्शन दिया।मुन्ही प्रकाश, मास्टर ट्रेनर एवं तकनीकी टीम सदस्य, ने TaRL (Teaching at the Right Level) पद्धति पर विस्तार से चर्चा करते हुए विद्यार्थियों के बुनियादी साक्षरता एवं संख्याज्ञान स्तर में सुधार के लिए विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी।
पंकज कुमार ने PBL से संबंधित रिपोर्टिंग, प्रगति विवरण, डेटा संधारण तथा निर्धारित पोर्टल पर रिपोर्ट अपलोड करने की प्रक्रिया पर प्रकाश डाला।प्रखंड विकास पदाधिकारी-सह-प्रभारी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, बारुण के निर्देशानुसार कार्यशाला में संबंधित सभी गणित एवं विज्ञान शिक्षकों की शत-प्रतिशत उपस्थिति एवं प्रशिक्षण के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया गया।

निर्देश दिया गया कि कक्षा 6 से 8 के गणित एवं विज्ञान विषयों को अधिकाधिक गतिविधियों, प्रयोगों एवं प्रोजेक्ट्स से जोड़ा जाए, ताकि विद्यार्थियों में केवल रटने की प्रवृत्ति के स्थान पर विश्लेषणात्मक सोच, समस्या-समाधान एवं सहयोगात्मक अधिगम की क्षमता विकसित हो।जिन विद्यालयों में संबंधित विषय के शिक्षक पदस्थापित नहीं हैं, वहां प्रधानाध्यापक द्वारा नामित शिक्षक को कार्यशाला में भेजने का निर्देश दिया गया, ताकि विद्यालय स्तर पर PBL गतिविधियों का संचालन प्रभावित न हो।
कार्यशाला में बारुण प्रखंड के विभिन्न विद्यालयों से आए शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। प्रशिक्षण में ज्योति शंकर, ज़ीनत परवीन, रंजीत कुमार पांडे, श्रेया चौरसिया, रितु कुमारी, काजल कुमारी, कुंदन किशोर, पीयूष कुमार चौबे, प्रवीण कुमार सिंह, नौलेश कुमार, अमित कुमार, पूजा कुमारी, प्रियंका कुमारी, क्षमा कुमारी, मुश्ताक अहमद, फजलुल हक, राकेश कुमार, रामधनी कुमारी, राबिया अहसन गुप्ता, अंशिका श्रीवास्तव, सुधीर कुमार सिंह, कृष्ण कुमार ठाकुर, रवींद्र कुमार सिंह, रतन कुमार, मुकेश पासवान, सुरेंद्र कुमार राय, मो० नौशाद आलम, अमित कुमार सिंह, अखिलेश कुमार, विकास कुमार, रंजीत कुमार, सरफराज अहमद, सुजीत कुमार, रणधीर कुमार,सत्येन्द्र कुमार, अजय कुमार, आदर्श पटेल, अनुपम कुमारी एवं सलोनी कुमारी सहित अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं शामिल रहे।कार्यशाला का समापन “सीखें • सोचें • करें • बेहतर कल गढ़ें” के संदेश के साथ हुआ। प्रतिभागी शिक्षकों ने अपने-अपने विद्यालयों में प्रोजेक्ट आधारित एवं गतिविधि आधारित शिक्षण को प्रभावी ढंग से लागू करने का संकल्प लिया।



