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नौकरी-मकान दिलाने के नाम पर महिलाओं का अश्लील वीडियो बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश

चंदौली,यूपी: मुगलसराय कोतवाली पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने सर्विलांस की मदद से महिलाओं को नौकरी और मकान दिलाने का झांसा देकर बंधक बनाने, उनके अश्लील फोटो-वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने और परिजनों से धन उगाही करने वाले कथित गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के सरगना समेत तीन पुरुष और एक महिला को गिरफ्तार किया है।पुलिस के अनुसार, आरोपियों के कब्जे से 08 एंड्रॉइड मोबाइल फोन, 72,300 रुपये नकद, 09 एटीएम कार्ड, कूटरचित आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पासबुक, चेकबुक, पोर्टेबल वाईफाई डिवाइस बरामद किए गए हैं। इसके अलावा घटना में प्रयुक्त एक पल्सर मोटरसाइकिल और एक स्कूटी भी बरामद हुई है।

नौकरी और मकान का झांसा देकर बनाते थे निशाना। पुलिस को डायल-112 और एनसीआरपी पोर्टल के माध्यम से महिलाओं को बंधक बनाकर ब्लैकमेल करने की शिकायतें मिल रही थीं। जांच में सामने आया कि आरोपी महिलाओं को नौकरी या मकान दिलाने के नाम पर निर्धारित स्थान पर बुलाते थे। इसके बाद उन्हें एक मकान में ले जाकर कथित तौर पर बंधक बना लेते थे और खुद को पुलिस टीम बताकर डराते-धमकाते थे।पुलिस के मुताबिक, महिलाओं के अश्लील फोटो और वीडियो बनाए जाते थे तथा उन्हें वायरल करने की धमकी देकर पीड़िताओं और उनके परिजनों से रुपये की मांग की जाती थी। ऑनलाइन माध्यम से भी रकम ट्रांसफर कराई जाती थी।

पुलिस के अनुसार 14 मई 2026 की घटना में पीड़िता ने 27 अगस्त को मुगलसराय थाने में शिकायत दी। आरोप है कि नौकरी दिलाने के बहाने उन्हें रामनगर से डहिया स्थित एक मकान में ले जाकर बंधक बनाया गया। वहां मारपीट और गलत हरकत करने के साथ वीडियो बनाकर परिजनों को वायरल करने की धमकी दी गई।पीड़िता के अनुसार, करीब दो दिन बंधक रखने के दौरान परिजनों से करीब 30 हजार रुपये मंगवाए गए और उनके मोबाइल के जरिए फोन-पे से लगभग 75 हजार रुपये भी ट्रांसफर कराए गए। इस मामले में मुगलसराय थाने में मुकदमा दर्ज किया गया।

दूसरी महिला से पांच लाख की फिरौती मांगने का आरोप

दूसरी घटना 16 अगस्त 2026 की बताई गई है। पुलिस के अनुसार, ऑनलाइन मकान देखने के सिलसिले में पीड़िता को रामनगर चौराहे से डहिया स्थित मकान में ले जाया गया। वहां तीन पुरुषों और एक महिला ने उसे बंधक बनाकर निर्वस्त्र किया और वीडियो बनाने का आरोप है।पीड़िता के मुताबिक वीडियो वायरल करने की धमकी देकर पांच लाख रुपये की फिरौती मांगी गई। उसका मोबाइल छीनकर पति से भी फिरौती मांगी गई और फोन-पे के माध्यम से उसके बैंक खाते से करीब 1.14 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए गए। पीड़िता किसी तरह छतों के रास्ते वहां से निकलकर अपनी जान बचाने में सफल हुई।

पुलिस की विवेचना में मुख्य आरोपी विजय कुमार गुप्ता उर्फ रॉकी का नाम सामने आया। पुलिस के अनुसार, वह पहले ऑनलाइन एस्कॉर्ट सेवा संचालित करता था। वर्ष 2023 में एक महिला द्वारा कथित ठगी किए जाने के बाद उसने एस्कॉर्ट महिलाओं से बदला लेने की योजना बनाई।पुलिस के मुताबिक इसके बाद उसने अपने साथियों के साथ मिलकर एक गिरोह बनाया। गिरोह ऑनलाइन एस्कॉर्ट सेवा के जरिए महिलाओं को बुलाता था और उन्हें नौकरी या मकान दिलाने के नाम पर भी निशाना बनाया जाता था। आरोप है कि महिलाओं को बंधक बनाकर उनके अश्लील वीडियो तैयार किए जाते और फिर उन्हें वायरल करने की धमकी देकर धन की वसूली की जाती थी।

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार अंजली गुप्ता खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर महिलाओं को डराती-धमकाती थी। साथ ही फर्जी और कूटरचित पहचान पत्रों तथा बैंक खातों के माध्यम से फिरौती की रकम प्राप्त करने और गिरोह के वित्तीय लेनदेन को संभालने में उसकी भूमिका बताई गई है।             चार आरोपी गिरफ्तार: गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विजय कुमार गुप्ता उर्फ संजय गुप्ता उर्फ रॉकी, कृष्ण कुमार गुप्ता, विशम्भर विश्वकर्मा और अंजली गुप्ता के रूप में हुई है। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई करते हुए मुकदमे में कूटरचना और फर्जी दस्तावेजों से संबंधित धाराओं की बढ़ोतरी की है। बरामद दोनों वाहनों को मोटर वाहन अधिनियम की धारा 207 के तहत सीज किया गया है।

Indians News

Editor in Chief

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