समावेशी शिक्षा से ही संवरेगा हर बच्चे का भविष्य: लाल बहादुर

बारूण,औरंगाबाद:शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार बारूण प्रखंड के सभी राजकीय, प्राथमिक एवं मध्य विद्यालयों में दिनांक 31 जुलाई 2026 (शुक्रवार) को एक विशेष “अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी” का आयोजन किया जा रहा है। इस बार संगोष्ठी की मुख्य थीम “समावेशी शिक्षा: हमारा हर बच्चा महत्वपूर्ण” रखी गई है।संगोष्ठी के सफल क्रियान्वयन हेतु प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी ने प्रखंड के सभी प्रधानाध्यापकों एवं प्रभारी प्रधानाध्यापकों को कड़े निर्देश जारी करते हुए कहा है कि इस विशेष संगोष्ठी में पोषक क्षेत्र के अभिभावकों की शत-प्रतिशत सहभागिता हर हाल में सुनिश्चित कराएं, ताकि शिक्षा के इस महत्वपूर्ण अभियान का लाभ सीधे बच्चों तक पहुँच सके।
कार्यक्रम की रूपरेखा एवं मुख्य उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए प्रखंड साधन सेवी (समावेशी शिक्षा) लाल बहादुर ने बताया कि पूर्व में 25 जुलाई को आयोजित होने वाली यह संगोष्ठी अपरिहार्य कारणों से स्थगित कर दी गई थी, जिसे अब 31 जुलाई को पूरे प्रखंड में एक साथ आयोजित किया जा रहा है।
समावेशी शिक्षा के मूल संदेश को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा—
“हर बच्चा विशिष्ट है और उसमें अपनी अलग क्षमता होती है। हमें दिव्यांग एवं विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (CWSN) को बिना किसी संकोच या भेदभाव के पूरे स्नेह और सम्मान के साथ स्वीकार करना होगा। समावेशी शिक्षा का मूल मंत्र ही यही है कि हर बच्चे को समान अवसर, समान अधिकार और समाज में पूर्ण भागीदारी मिले। जब तक हम हर बच्चे को एक समान मंच और स्नेह नहीं देंगे, तब तक समावेशी समाज की कल्पना अधूरी है। शिक्षक और अभिभावक मिलकर ही इस बदलाव की मजबूत कड़ी बन सकते हैं।”
संगोष्ठी के प्रमुख आकर्षण एवं चर्चा के बिंदु:
व्यापक जन-सहभागिता व आयोजन: सभी विद्यालयों में वर्ग-वार संगोष्ठी का आयोजन होगा। पोषक क्षेत्र में ससमय प्रचार-प्रसार कर अभिभावकों की अधिकतम उपस्थिति सुनिश्चित की जा रही है।
सकारात्मक व संवेदनात्मक संवाद: संगोष्ठी के दौरान समावेशी शिक्षा की अवधारणा, CWSN बच्चों के प्रति संवेदनशील व्यवहार, बच्चों की अकादमिक प्रगति, नियमित उपस्थिति, बेहतर स्वास्थ्य, पोषण तथा साफ-सुथरी पोशाक (ड्रेस) में विद्यालय भेजने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अभिभावकों से सीधा संवाद स्थापित किया जाएगा।प्रखंड साधन सेवी ने प्रखंड के समस्त अभिभावकों से पुरजोर अपील की है कि वे कल अपने-अपने बच्चों के विद्यालयों में आयोजित इस संगोष्ठी में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और अपने बच्चों के सर्वांगीण विकास एवं उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएं।



