कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (KGBV) में 25 श्रवण बाधित बालिकाओं को बांटे गए हियरिंग एड

कुटुंबा,औरंगाबाद: कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (KGBV), कुटुंबा के प्रांगण में समावेशी शिक्षा के तहत एक विशेष कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (समग्र शिक्षा) संतोष कुमार की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान 25 श्रवण बाधित (Hearing Impaired) बालिकाओं को निःशुल्क हियरिंग एड (श्रवण यंत्र) का वितरण किया गया।
श्रवण यंत्र प्राप्त करते ही बालिकाओं के चेहरे पर खुशी और उत्साह साफ झलक रहा था। अब ये बच्चियाँ बिना किसी बाधा के सुनकर अपनी पढ़ाई-लिखाई पूरी कर सकेंगी और समाज तथा शिक्षा की मुख्य धारा से मजबूती से जुड़ सकेंगी।
कार्यक्रम के दौरान मुख्य विचार एवं वक्तव्य
शिक्षा की मुख्य धारा से जुड़ाव (DPO संतोष कुमार):जिला कार्यक्रम पदाधिकारी संतोष कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि दिव्य बालिकाओं को हर संभव संसाधन और शैक्षणिक सहयोग उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कोई भी बच्चा शारीरिक अक्षमता के कारण शिक्षा के अधिकार से वंचित न रहे, यही समावेशी शिक्षा का मूल उद्देश्य है।
दिव्यांगता बाधा नहीं, अवसरों की शुरुआत है (APO गंगाधर महतो):
सहायक कार्यक्रम पदाधिकारी (APO) गंगाधर महतो ने बालिकाओं का उत्साह बढ़ाते हुए कहा, “सुनने में समस्या होने के कारण ये बच्चियाँ अक्सर कक्षा में और समाज में खुद को थोड़ा अलग-थलग महसूस करती थीं। यह श्रवण यंत्र केवल एक उपकरण नहीं है, बल्कि इनके सपनों को नई उड़ान देने का एक सशक्त माध्यम है। सही समय पर मिला यह सहयोग इनके आत्मविश्वास को कई गुना बढ़ाएगा और इन्हें मुख्य धारा में बराबरी के साथ खड़े होने का अवसर देगा। विभाग हर मोड पर इन बच्चों के साथ मुस्तैदी से खड़ा है।
कार्यक्रम में उपस्थित कुटुम्बा के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी ने कहा कि श्रवण यंत्र मिलने से इन बालिकाओं को न केवल कक्षा में शिक्षकों के पाठ समझने में सुगमता होगी, बल्कि उनके दैनिक जीवन की संवाद क्षमता में भी अभूतपूर्व सुधार आएगा।इस गरिमामय अवसर पर सहायक कार्यक्रम पदाधिकारी (APO) गंगाधर महतो, संसाधन शिक्षक राकेश कुमार, घनश्याम प्रसाद पटेल, KGBV की वार्डन आंचल कुमारी, एवं पीएम श्री मध्य विद्यालय कुटुंबा के संचालक चंद्रशेखर साहू मुख्य रूप से उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने बालिकाओं को दुलारते हुए उनके उज्ज्वल एवं स्वर्णिम भविष्य की कामना की।



