शिक्षा

बारुण प्रखंड के 17 संकुलों पर TaRL कार्यशाला का सफल आयोजन

औरंगाबाद, बिहार: औरंगाबाद जिले के बारुण प्रखंड अंतर्गत प्राथमिक एवं मध्य विद्यालयों में शिक्षण गुणवत्ता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से शनिवार को TaRL (Teaching at the Right Level) एवं FLN (Foundational Literacy and Numeracy) कार्यक्रम के तहत संकुल (CRC) स्तर पर एक विस्तृत संयुक्त कार्यशाला का आयोजन किया गया। प्रखंड के सभी 17 संकुलों पर आयोजित इस कार्यशाला का संचालन संकुल संसाधन व्यक्तियों (RP) द्वारा कुशलतापूर्वक किया गया।

इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य कक्षा 3 से 5 तक के बच्चों में भाषा (हिंदी) एवं गणित विषय की बुनियादी दक्षता, पढ़ने-लिखने की क्षमता और गणितीय संक्रियाओं को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाना है।

विषय-वार प्रशिक्षण एवं समय-सारणी

कार्यशाला को विषय-वार चरणबद्ध तरीके से आयोजित किया जा रहा है:

01 अगस्त (हिंदी विषय): कार्यशाला के प्रथम दिन शिक्षकों को हिंदी विषय में बच्चों के भाषा कौशल (पढ़ने, समझने और लिखने) के विकास हेतु विविध गतिविधियों और शिक्षण तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया।

03 अगस्त (गणित विषय): आगामी 03 अगस्त 2026 को गणित विषय की बुनियादी अवधारणाओं, टीएलएम (TLM) के उपयोग और खेल-खेल में गणित सिखाने की पद्धतियों पर विस्तृत प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा।

प्रशासनिक वक्तव्य एवं रणनीतिक बिंदु

प्रखंड विकास पदाधिकारी सह प्रभारी BEO (बारुण):उन्होंने जानकारी देते हुए कहा कि बारुण प्रखंड के सभी 17 संकुलों में यह संयुक्त कार्यशाला शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न हुई है। उन्होंने बताया कि प्राथमिक स्तर पर बच्चों की शैक्षणिक नींव मजबूत करने के लिए यह कार्यक्रम बेहद महत्वपूर्ण है। कार्यशाला में प्रशिक्षित नामांकित शिक्षक अपने-अपने विद्यालयों में इसे पूर्ण निष्ठा से लागू करेंगे।

डौली कुमारी (प्रतिनिधि, प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन):

प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन की प्रतिनिधि डौली कुमारी ने बताया कि TaRL पद्धति के तहत बच्चों को उनकी उम्र के बजाय उनके सीखने के वर्तमान स्तर के आधार पर समूह में बाँटकर पढ़ाया जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 5 अगस्त 2026 तक सभी विद्यालयों में अनिवार्य रूप से बेसलाइन एसेसमेंट (Baseline Assessment) पूरा कर लिया जाएगा, ताकि बच्चों के सही शैक्षणिक स्तर का आंकलन हो सके।

असर (ASER) टेस्टिंग टूल: शिक्षकों को असर टूल की बारीकियों से अवगत कराया गया ताकि पारदर्शी तरीके से बच्चों का बेसलाइन आंकलन किया जा सके।गतिविधि आधारित शिक्षण: कक्षा संचालन को रोचक बनाने के लिए TaRL मैनुअल, स्कैनर आधारित गतिविधियों और ग्रुप एक्टिविटी का प्रायोगिक अभ्यास कराया गया।डेटा समेकन: प्रत्येक बच्चे की व्यक्तिगत प्रगति (Child-wise Report) दर्ज करने और स्कूल स्तर पर आंकड़ों के समेकन (Data Aggregation) पर जोर दिया गया।कार्यशाला के समापन पर उपस्थित सभी शिक्षकों ने अपने-अपने विद्यालयों में TaRL एवं FLN की तकनीकों को प्रभावी ढंग से लागू कर बच्चों के शैक्षणिक स्तर में गुणात्मक सुधार लाने का संकल्प लिया।

Indians News

Editor in Chief

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